चार दिन पहले आंधी से चरमराई बिजली आपूर्ति व्यवस्था अभी भी पटरी पर नहीं आई है। शहर के कई इलाकों को दिन भर में बमुश्किल चार घंटे बिजली मिल पा रही है। भीषण गर्मी में बिजली के इस हाल पर हाहाकार मचा है। सबसे खराब हालात भूरागढ़ और तुलसी नगर फीडर से जुड़े मोहल्लों की है। इनमें भूरागढ़ फीडर आंधी के करीब बाद 30 घंटे बाद ठीक हुआ और 24 घंटे में फिर धड़ाम हो गया। तुलसी नगर फीडर के मोहल्लों को अन्य मोहल्लों की लाइन काटकर सप्लाई दी जा रही है।
चार दिन पहले आई आंधी से हुए फाल्ट आज तक दुरुस्त नहीं हो पाईं। भूरागढ़ फीडर में आंधी के करीब 30 घंटे बाद आपूर्ति शुरू हुई। इसी फीडर से जल संस्थान के इंटेक वेल भी जुड़े हैं। ऐसे में पानी का जबरदस्त संकट खड़ा हो गया। यहां अन्य फीडरों के जरिए रुक-रुक कर सप्लाई दी जा रही है।
तुलसी नगर फीडर अब तक सामान्य नहीं हो पाया। यहां लगातार आपूर्ति बाधित है। बृहस्पतिवार को आधी रात के बाद कुछ इलाकों की लाइन काटकर तुलसी नगर फीडर चालू किया गया। अलीगंज, खूंटी चौराहा आदि में हजारों उपभोक्ता गर्मी में बिलबिला गए। यहां के अवर अभियंता सिद्दीक अहमद का कहना था कि आंधी के फाल्ट अभी तक पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाए हैं। स्टाफ की कमी भी आड़े आ रही हैं।
उधर, भूरागढ़ फीडर बमुश्किल 24 घंटे चलने के बाद शुक्रवार को दोपहर फिर धड़ाम हो गया। यहां का केबिल बाक्स जल गया। इसके दो दिन पहले ओसीबी बर्स्ट हो गई थी। भूरागढ़ फीडर के अवर अभियंता आरपी सिंह और कांता प्रसाद ने फोन रिसीव नहीं किए। फाल्ट वाले स्थानों पर सिर्फ लाइनमैन और कर्मचारी ही मरम्मत करने पहुंच रहे। कोई अभियंता यहां फटक नहीं रहा। हालांकि कई उपभोक्ताओं और राजनीतिक दलों के नेताओं ने कारपोरेशन की वेबसाइट पर सूचना दर्ज कराई है। उधर, अधिशासी अभियंता समरजीत का कहना है कि आंधी से फाल्ट काफी ज्यादा हुए। इन्हें दुरुस्त करने मेें समय लग रहा है।
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