चमरौडी चौराहे पर पर जाम लगाए बिजली-पानी संकट से त्रस्त लोग। गुस्साए लोगों को समझाते पुलिस अधिकारी।
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बांदा। तीन दिन से मंडल मुख्यालय से चल रहे बिजली और पानी के संकट के हालात गंभीर रूप लेने लगे हैं। भीषण गर्मी मे पानी-बिजली के लिए तरस रहे लोगों का गुस्सा फूटने लगा है। सैकड़ों लोगों ने बृहस्पतिवार को चिलचिलाती धूप में खुली सड़क पर धरना देकर कई मुख्य सड़कों पर जाम लगा दिया। अफसरों को उन्हें समझाकर रास्ता साफ कराने में पसीना आ गया। शहर में पानी और बिजली का संकट कम होने के बजाय और गंभीर हो गया है।
आंधी और बारिश से गड़बड़ाई बिजली और पानी की आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही। रोजाना आ रही आंधी बिजली की लाइनों और खंभों को धराशायी और तार-तार कर रही है। जितने फीडर मरम्मत के बाद चालू होते हैं, उससे ज्यादा अगले दिन खराब हो जाते हैं। नतीजतन पूरा शहर पानी और बिजली के जबरदस्त संकट से जूझ रहा है।
शहर के सर्वोदय नगर, गायत्री नगर, कालूकुआं, चमरौडी आदि इलाकों के लोगों का बृहस्पतिवार को दोपहर गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों लोग सड़कों मेें उतर आए और तिराहे पर जाम लगा दिया। बबेरू, कमासिन, बिसंडा, फतेहपुर, तिंदवारी आदि के रास्ते बंद हो गए।
लोग इतने खफा थे कि धूप और तप रही सड़क की परवाह किए बगैर सड़क पर बैठ गए। कुछ देर बाद बड़ी तादाद में शहर की पुलिस फोर्स आ गई। पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन अनशनकारी नहीं माने। लगभग साढे़े तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचे बिजली और जल संस्थान के अधिकारियों ने शाम तक बिजली और पानी आपूर्ति कराने का भरोसा देकर जाम खत्म कराया।