बांदा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा की मां और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा की पत्नी कुसुमा देवी वर्मा की मौत के करीब 60 घंटे बाद भी शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम नहीं हो सका है।
उनका शव रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखा है। मंगलवार को पूरे दिन नरैनी कोतवाल पुलिस टीम के साथ मोर्चरी में परिजनों के आने का इंतजार करते रहे। शाम पांच बजे तक कोई परिजन नहीं पहुंचा। शाम को महेंद्र पाल ने वीडियो जारी कर शव लौटाने की मांग करते हुए पुलिस पर जबरन शव लाने के आरोप लगाए।
नरैनी के नंदवारा गांव में 30 सितंबर को भइयाराम के दो मासूम बेटों मनोज और युवराज की हत्या के मामले में महेंद्र पाल वर्मा समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद महेंद्र ने जन अधिकार पार्टी के संस्थापक और जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा व उनके भाई शिवशरण पर साजिश के तहत नामजद कराने का आरोप लगाया था।
इसके बाद महेंद्र ने सांसद और उनके भाई समेत 13 लोगों पर उनके घर पहुंचकर मां कुसुमा देवी से मारपीट व धमकी का आरोप लगाया था। चार अक्तूबर की सुबह बांदा के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इसके बाद से ही परिजन सभी एफआईआर दर्ज करने और शव को सीएम कार्यालय लखनऊ ले जाने की मांग पर अड़े थे। सोमवार को कई बार परिजन और पुलिस के बीच इसे लेकर गहमा गहमी हुई।
सोमवार रात करीब नौ बजे महेंद्र के पुत्र देवेंद्र पाल वर्मा ने पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस को लिखित सहमति दी। इसके बाद पुलिस शव को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी ले आई। लेकिन मंगलवार को पूरे दिन परिजनों का इंतजार किया गया, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। पंचनामा की कार्रवाई नहीं होने से पोस्टमार्टम भी नहीं हो सका।
उधर महेंद्र पाल वर्मा ने मंगलवार को जारी वीडियो में जबरन शव लाने का आरोप लगाया। उन्होंने शव लौटाने और लखनऊ ले जाकर अंतिम संस्कार करने की मांग की।
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लखनऊ आवास को लेकर छिड़ा वीडियो वार
वीडियो में महेंद्र पाल वर्मा ने बताया कि उनका गोमती नगर में आवास है। वह वहीं ले जाकर अपनी मां का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। वहां उनके पिता के साथ के कई नेता व अन्य संबंधी भी रहते हैं।
इस वीडियो के बाद महेंद्र पाल वर्मा की सौतेली बहन शालिनी सिंह ने भी एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने गोमती नगर के आवास को अपने नाम बताते हुए महेंद्र पाल वर्मा पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से अपील की कि वहां महेंद्र पाल की मां का अंतिम संस्कार न करने दिया जाए और उनका आवास उन्हें दिलाया जाए।
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एसपी बोले- सहमति से शव मोर्चरी लाया गया
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि महेंद्र पाल वर्मा के घरवालों की सहमति पर ही शव मोर्चरी लाया गया था। उनके पुत्र ने पोस्टमार्टम कराने के लिए लिखित सहमति दी थी। इसके बाद भी परिजन मोर्चरी नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंचनामा की कार्रवाई होने के बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा।