जसईपुर गांव में सहमे बैठे पाक की जेल में बंद मछुवारों के परिवार।
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पता नहीं हमार बिटवा पर का गुजरत हुई? पूत की चिंता मा रात मा सोए नही आवत है। ये शब्द हैं पाकिस्तान की जेल में बंद जसईपुर गांव के मछुवारे अखिलेश कुमार की मां कमला देवी के।
पुलवामा की घटना के बाद भारत-पाक के बीच एकाएक बढ़ गए तनाव और रिश्तों में कड़वाहट का असर तिंदवारी थाना क्षेत्र के जसईपुर गांव पर साफ नजर आ रहा है। इस गांव के एक दर्जन से ज्यादा मछुवारे पाकिस्तान के करांची (लांडी) जेल में बंद हैं। उन्हें 14 नवंबर 2017 को समुद्र में मछली का शिकार करते समय पाकिस्तान सेना ने पकड़ लिया था। उन पर आरोप है कि सरहद पार कर पाकिस्तान के समुद्र में शिकार कर रहे थे। सभी मछुवारे युवा हैं। हर वर्ष गुजरात की एक कंपनी उन्हें बुलाती है और मछली का शिकार कराती है। इसके एवज में मछुवारों को ठीकठाक पैसा मिल जाता है। उसी से उनका परिवार चल रहा है।
पुलवामा की घटना की बाद पाकिस्तान के प्रति पूरे देश में विरोध और भारत सरकार के तेवरों को देखकर मछुवारों के परिवार इस बात से चिंतित और खौफजदा हैं कि कहीं उनके बेटों को पाकिस्तान की जेल में प्रताड़ित न किया जाए। मछुवारे देवी शरण की पत्नी सभा देवी बोली- अब तौ ऊपर वालै के भरोसै हवन। यह कहते ही सभा देवी की आंखों से आंसुओं की धार बह पड़ी। ग्राम प्रधान ज्ञान सिंह ने उन्हें ढांढस बंधाया। कमोवेश पाक जेलों में बंद सभी मछुवारों के घरों की यही हालत है। इनके बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक के चेहरों से हंसी और खुशी गायब है। सब सहमे से नजर आ रहे हैं। उधर, भारत सरकार मछुवारों की रिहाई के लिए लगातार प्रयास कर रही है पर अभी तक सफलता नहीं मिली है। हालांकि पुलवामा की घटना से सभी मछुवारे परिवार पाकिस्तान के प्रति और ज्यादा गुस्से में हैं।
पाकिस्तान की करांची (लांडी) जेल में बंद मछुवारे
1. अखिलेश श्रीवास्तव पुत्र लखन लाल, 2. चंद्र प्रकाश पुत्र भवानी कोटार्य, 3. ओम प्रकाश पुत्र भैरो कोटार्य, 4. देवी शरण पुत्र दुखी कोटार्य, 5. बाबू वर्मा पुत्र चौबे, 6. महेंद्र वर्मा पुत्र रामलाल वर्मा, 7. पप्पू पुत्र छिदुवां, 8. विवेक पुत्र रामविशाल कुशवाहा आदि। रोहित पुत्र जगन्नाथ को 23 जनवरी 2019 को समुद्र में शिकार करते समय पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया था। सभी मछुवारे जसईपुर गांव के रहने वाले हैं।