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महिला अधिवक्ता के घर पुलिस का हंगामा

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बांदा। देवरानी-जेठानी के विवाद में जांच करने पहुंची पुलिस पर महिला अधिवक्ता ने मारपीट और धौंस-धमकी का आरोप लगाया है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष के साथ पुलिस कार्यालय में उपाधीक्षक को तहरीर भी दी है।
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शहर के मर्दननाका निवासी अधिवक्ता रीना कनौजिया ने दी तहरीर में बताया कि जेठ-जेठानी ने उनकी अमानत जेवर व कैश वापस नहीं किए। पहले भी मारपीट और धौंस-धमकी दे चुके हैं। इसकी शिकायत भी पूर्व में की थी। सुनवाई न होने पर सीजेएम न्यायालय में धारा 156(3) की अर्जी दी है। यह विचाराधीन है। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि उसका सामान हड़पने की नीयत से जेठानी ने पुलिस को झूठी तहरीर दी।
इसी की जांच में गुरुवार की शाम करीब सात बजे मर्दननाका चौकी प्रभारी, दीवान अवधेश नारायण और कई कांस्टेबल उसके घर में घुस आए और वीडियो बनाते हुए उसके कमरे में लगा एसी खोलकर उसी समय जेठानी के यहां लगाने को कहा। विरोध करने पर पुलिस कर्मियों और उसकी जेठानी और जेठ ने जान से मारने की धमकी दी और पति को पीटा।
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पुलिस कर्मियों ने मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। महिला अधिवक्ता ने आरोपी जेठानी व उसके पति तथा चौकी प्रभारी सहित पुलिस कर्मियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। उधर, मर्दननाका चौकी इंचार्ज विनोद सिंह ने बताया कि देवरानी-जेठानी का काफी दिनों से विवाद चल रहा है।
जेठानी मीना रजक ने कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी कि उसका एसी देवरानी रीना कनौजिया ने अपने कमरे में लगा लिया है। इसी की जांच करने वह गए थे। किसी तरह की मारपीट या गलत काम नहीं किया। पूरी वीडियोग्राफी है। आरोप गलत हैं।
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