अतर्रा। बीटेक छात्र की छात्रावास में खुदकुशी के मामले में पुलिस ने जांच बंद कर छात्र का मोबाइल पिता को सौंप दिया है। पिता की ओर से भी कोई तहरीर नहीं दी गई है। इसलिए इस मामले की जांच को बंद किया गया है। उधर, मृतक छात्र के रूम पार्टनर छात्रों को दूसरे कमरे में शिफ्ट किया गया है। दोनों छात्र सदमे में हैं।
बाराबंकी जिले के कंर्धरपुर रसोली गांव निवासी बीटेक प्रथम वर्ष आईटी ब्रांच के छात्र अमन (18) ने राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज के छात्रावास के रूम नंबर-10 में अपने मफलर से पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस प्रकरण पर पुलिस की जांच में कोई भी आपराधिक तथ्य व प्रेम प्रसंग का तथ्य नहीं मिलने पर पुलिस ने जांच को बंद कर दिया है। पुलिस ने छात्र का मोबाइल भी उसके पिता प्रताप सिंह को सौंप दिया है।
राजकीय इंजीनियरिंग कालेज के छात्रावास में कुल 685 छात्र रहते हैं। जिसमें छात्राएं 117 हैं तथा छात्र 568 हैं। कालेज में कुल चार छात्रावास कैंपस बने हुए हैं। जिनमें तीन छात्रों के व एक छात्राओं का है। सभी छात्रावास के वार्डन अलग-अलग है। छात्रावास अधीक्षक मोहम्मद तौसीफ ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा बनाई गई मनोवैज्ञानिक टीम के सदस्यों द्वारा समय-समय पर छात्रों की सभी प्रकार की समस्याओं को काउंसलिंग की जाती है।
घटना के बाद मंगलवार को मृतक छात्र अमन कुमार के पिता प्रताप सिंह व अन्य घर के परिजन छात्रावास से सारा सामान लेकर घर को चले गए हैं। कोतवाली इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने बताया कि कोई तहरीर नहीं मिली है। मृतक छात्र के फोन में अंतिम कॉल परिजनों से बातचीत का है। मोबाइल फोन छात्र के पिता को सौंप दिया गया है। जांच में कोई आपराधिक व प्रेम प्रसंग का तथ्य नहीं मिला है। इसलिए जांच को बंद कर दिया गया है।