फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Banda News: बिना सार्वजनिक सूचना तीन बड़े उद्यमियों के आवंटित कर दिए प्लॉट

विज्ञापन
फोटो16-कताई मिल जहां विकसित हो रहा फूड पार्क। संवाद - फोटो : तिरंगा यात्रा निकालतीं छात्राएं।
विज्ञापन
बांदा। फूड पार्क बनने से पहले ही प्लॉट आवंटन में खेल शुरू हो गया। बिना सार्वजनिक सूचना निकाले करोड़ों रुपये के 67 हजार वर्ग मीटर के चार प्लॉट तीन बड़े उद्यमियों को आवंटित कर दिया गया। इसकी जानकारी छोटे उद्यमियों को हुई तो उन्होंने मंडलायुक्त से मिलकर ऐतराज जताया। इसके बाद मंडलायुक्त यूपीसीडा को आवंटन निरस्त कर छोटे-छोटे प्लाॅट आवंटन करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

बता दें कि बांदा-बहराइच हाईवे पर शहर के बीच स्थित कताई मिल की करीब 85 एकड़ भूमि पर फूड पार्क बनाया जाना प्रस्तावित है। इस साल मार्च में सरकार ने फूड पार्क बनाने की मंजूरी दी थी। इस पार्क को विकसित करने की जिम्मेदारी यूपीसीडा को दी गई है। यूपीसीडा ही प्लॉटों का आवंटन कर रहा है।
आरोप है कि यूपीसीडा ने बिना सार्वजनिक सूचना के फूड पार्क में प्लॉट का आवंटन शुरू कर दिया। इस वजह से छोटे उद्यमियों को जानकारी नहीं हो पाई। यूपीसीडा ने तीन बड़े उद्यमियों को प्लॉट आवंटित भी कर दिया। इसकी जानकारी होने पर छोटे उद्यमी नाराज हो गए। उत्तर प्रदेश व्यापार संगठन ने दो अगस्त को मंडलायुक्त अजीत कुमार को ज्ञापन देकर प्लॉटों का आंवटन निरस्त कर सार्वजनिक तौर पर समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कराकर नए सिरे से प्लाॅट आवंटित करने की मांग की। इसके बाद आयुक्त ने यूपीसीडा को आवंटन निरस्त कर दोबारा से प्लॉट आवंटित करने का निर्देश दिया है। (संवाद)
विज्ञापन


इनको किए थे प्लाॅट आवंटित
-मनोज जैन को दो प्लाॅट छह-छह हजार वर्ग मीटर
-अजीत कुमार गुप्ता को 20 हजार वर्ग मीटर का प्लाट
-अज्ञात कुमार गुप्ता को 35 हजार वर्ग मीटर का प्लाट

व्यापारियों ने जताई आपत्ति
मार्च में उद्योग बंधु की मंडलीय बैठक में तय हुआ था कि फूड पार्क के प्लाॅटों के आवंटन के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनाई जाएगी। आवंटन से पहले उद्योग विभाग के माध्यम से सार्वजनिक सूचना दी जाएगी लेकिन यूपीसीडा ने गोपनीय तरीके से प्लाॅटों का आवंटन शुरू कर दिया। - विनय चौरसिया, प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल।

बिना सार्वजनिक सूचना आवंटित प्लाॅटों को निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं। नए सिरे से प्लाटों को आवंटन करने के लिए यूपीसीडा को कहा है।
-अजीत कुमार, आयुक्त।
-
प्लाॅटों का आवंटन नहीं किया गया है। यूपीसीडा की वेबसाइट पर 25 आवेदन आए थे, जिन्हें निरस्त कर दिया गया है। 75 फीसदी प्लाॅट वेबसाइट पर आवेदन के आधार पर आवंटित होेते हैं। इसके बाद सार्वजनिक सूचना के आधार पर प्लाॅट आवंटित किए जाते हैं। वेबसाइट पर कोई भी आवेदन कर सकता है। कमिश्नर के आदेश पर दोबारा प्लॉट आवंटन के आवेदन मांगे जाएंगे।
-संतोष कुमार, आरएम, यूपीसीडा, प्रयागराज।


प्लॉट आवंटन के लिए 25 आवेदनों की संस्तुति की गई थी। कमिश्नर के आदेश पर इन्हें निरस्त कर दिया गया है। नए सिरे से प्लाॅटों का आवंटन कराया जाएगा। -मयूर महेश्वरी, आयुक्त, यूपीसीडा, कानपुर
-
मार्च में मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में तय हुआ था कि सार्वजनिक सूचना के बाद फूड पार्क के प्लॉट आवंटित होंगे। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो गलत है। -सुधीर श्रीवास्तव, संयुक्त अपर निदेशक उद्योग, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।

- हमें तो सूचना ही नहीं दी जाती है जबकि जिला स्तरीय समिति में मैं सचिव हूं। हमें व्यापारियों से ही जानकारी मिली कि फूड पार्क के प्लॉटों का आवंटन शुरू कर दिया गया है। -गुरुदेव, उपायुक्त उद्योग बांदा।

बांदा में इनके अलावा व्यापारी नहीं
समाजसेवी सौमित्र तिवारी का कहना है बांदा में व्यापारियों से संबंधित हर लाभ गिने चुने व्यापारियों को दिया जाता है। जिन्हें फूड पार्क में बड़े-बड़े प्लॉट दिए गए हैं, उनको औद्योगिक क्षेत्र भूरागढ़, पुलिस लाइन में भी भूखंड आवंटित हैं। फूड पार्क में छोटे-छोटे प्लाट काटे जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा व्यापारी लाभ लें सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें