बांदा। बबेरू के अंधाव गांव में मंगलवार से फाग उत्सव की शुरुआत की गई। होली का उत्साह व उमंग के साथ यहां सप्ताह भर फाग उत्सव की धूम रहेगी। ग्रामीणों को हर्बल व सूखी होली के लिए जागरूक किया जा रहा है।स्थानीय संस्कृति परंपरागत त्यौहार फाग का उत्सव धीरे-धीरे विलुप्त हो रहा है। इस संस्कृति को बचाए रखने एवं होली में जल की बर्बादी न हो, इसके लिए सूखी (हर्बल गुलाल) होली मनाने के लिए गांव में लोगो को प्रेरित किया जा रहा है।
मंगल आश्रम में बुढ़वा मंगल तक फाग उत्सव होगा। कलाकार भक्तिपूर्ण होली गीत गायेंगे। नृत्य और नाटक प्रस्तुत करेंगे। जल मित्र देवगुलाम यादव ने बताया कि गांव में जो बुजुर्ग हैं, वह होली के दिन फाग का उत्सव करते है, लेकिन नई पीढ़ी के युवा ऐसे आयोजन व परंपरा से भाग रहे हैं। मंगल भूमि फाउंडेशन इकाई अध्यक्ष राजा भैया ने कहा कि वैश्वीकरण के चलते हमारे जी स्थानीय परंपराएं और संस्कृति में कुठाराघात हुआ है।
हमें अपने त्योहार और उत्सव को अपने तरीके से मनाना होगा। सामाजिक समरसता का यह त्यौहार आज हुडदंगई तक सीमित हो गया है। इसलिए गांव में पुरानी परंपरा को बहाल करने की शुरुआत की गई है। इसमें युवकों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। फाग उत्सव में दुर्गा विश्वकर्मा, मनीष तिवारी,प्रेम,कालका,शिवगोपाल,नंदकिशोर, प्रांशु, राजन, ब्रजकिशोर, राम नरेश आदि लोग उपस्थित रहे।