बिजली संकट के साथ मंडल मुख्यालय बांदा शहर में पीने के पानी के भी लाले पड़े हुए हैं। कई इलाकों में पानी की हायतौबा मची है। जल संस्थान जलापूर्ति व्यवस्था ढर्रे पर नहीं ला पा रहा। जन प्रतिनिधि और बड़े अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। पेयजल संकट से परेशान महिला-पुरुषों ने बुधवार को जल संस्थान कार्यालय में खाली मटके और बर्तन लेकर प्रदर्शन किया।
बिजली के साथ पानी का संकट गहराया हुआ है। भीषण गर्मी और उसम में जहां एक तरफ पानी की खपत बढ़ी है वहीं आपूर्ति बुरी तरह घटी है। रमजान माह के चलते मुस्लिम इलाकों में स्थिति और खराब है। आधी रात के बाद तक हैंडपंपों और ट्रैंकरों से पानी ढोने का सिलसिला जारी है। उधर, बुधवार को कटरा नोनिया मोहाल (वार्ड-8) के महिला-पुरुषों ने खाली मटके और बर्तन लेकर जल संस्थान कार्यालय में प्रदर्शन किया।
कहा कि पिछले छह महीने से इस इलाके में जलापूर्ति ठप है। हैंडपंप भी नहीं है। किसी स्तर पर अधिकारी नहीं सुन रहे। पानी का भीषण संकट है। प्रदर्शनकारियों में नीरज त्रिपाठी, संजय गुप्ता, शैलेश, फूल कुमारी, लखन कुशवाहा, शुभम, रामरती आदि शामिल रहे।