बांदा। शनिवार को मौसम काफी ठंडा होने के बावजूद मंडल मुख्यालय का माहौल आंदोलनों से गर्माया रहा। उन्नाव कांड को लेकर शुरू हुई राजनीति में विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाने साधे। कांग्रेस की महिला नेताओं ने प्रशासन के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन के साथ चूड़ियां भेजीं। सपा नेताओं ने धरना देकर सरकार विरोधी नारे लगाए और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
उन्नाव पीड़िता की मौत की खबर आते ही राजनीति गर्मा गई। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीमा खान के नेतृत्व में महिलाओं के जत्थे ने कलक्ट्रेट में धरना देने के बाद मुख्यमंत्री को चूड़ियां और ज्ञापन भेजा। सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेकर चूड़ियां लेने से इनकार कर दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि पूरे प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म और हत्याएं हो रही हैं।
उनका घर से बाहर निकलना असुरक्षित है। मुख्यमंत्री इस पर सुधार नहीं ला सकते तो यह चूडिय़ां पहन लें। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित सहित पीसीसी सदस्य मुमताज अली, कुतैबा जमां, राजेश कुमार गुप्ता पप्पू, अल्तमश, संतोष द्विवेदी, मोहम्मद इरफान, केतकी निषाद, शब्बीर सौदागर, अशरफ उल्ला रंपा, अफसाना बेगम, शब्बीर सौदागर, कुलदीप मिश्रा, रामहित निषाद, रेखा वर्मा, जिलानी दुर्रानी, अब्दुल मजीद, सहाना, राममिलन पटेल, शकीला, वारिस अली आदि शामिल रहे।
उधर, सपाइयों ने स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में धरना देकर सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इसमें कहा कि उन्नाव घटना की सपा घोर निंदा करती है। गुनहगारों को फांसी दी जाए। पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और किसी एक सदस्य को नौकर।ी तथा पूरे परिवार की सुरक्षा की जाए।
पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शकील अली, कोआपरेटिव बैंक पूर्व अध्यक्ष लाखन सिंह, अधिवक्ता अशोक दीक्षित, प्रदीप जडिय़ा, मनोज वर्मा, अमित गुप्ता, मुशीर अहमद फारुकी, दिनेश कुमार शर्मा, उर्मिला वर्मा, आमिर खां, आत्माराम यादव, दिनेश यादव, मोहम्मद जावेद, मौला बख्श, यूसुफ फरीदी, रामपाल प्रजापति आदि शामिल रहे।
अशोक लाट में धरना प्रदर्शन करते सपाई।- फोटो : BANDA