समाजवादी पेंशन के लिए पात्रता चयन में ब्लाक के सरकारी नुमाइंदों और प्रधानों ने जमकर खेल किया। अब ऐसे मामलों को पोल खुल रही है। चयन के बावजूद लाभार्थियों के खातों में पैसा नहीं भेजा गया।
ऐसे 4000 से ज्यादा लाभार्थी समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। वहां उन्हें ग्राम पंचायत या नगर पालिका जाने की सलाह देकर टरकाया जा रहा है।
समाजवादी पेंशन योजना में एक लाख 18 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है। जांच के बाद 51,798 पात्र पाए गए हैं। प्रभारी मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी ने दिसंबर में 500 लाभार्थियों को कार्ड और पेंशन के चेक देकर योजना की शुरुआत की।
जनवरी माह में शासन के आदेश पर पेंशन के लिए चयनित लोगों की पात्रता जांच के लिए टीमें गठित की गईं। जांच में खुलासा हुआ है कि 1200 से ज्यादा ऐसे लाभार्थी शामिल किए गए हैं जो सुविधा संपन्न हैं और पात्र नहीं हैं।
उधर, करीब 4400 लाभार्थियों के खातों में 500-500 रुपये के हिसाब से तीन माह की पेंशन भेजी गई, लेकिन 4000 आवेदकों को यह हाथ नहीं लगी। फार्मों में त्रुटियाें के चलते उन्हें पेंशन से वंचित रहना पड़ा। ज्यादातर में सिर्फ बैंक एकाउंट नंबर की गड़बड़ी है। यह गलती दूर कराने के लिए ये आवेदक तीन माह से चक्कर लगा रहे हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह का कहना है कि जितने लोगों ने समाजवादी पेंशन के लिए आवेदन किया था। पात्रता की जांच कराकर उन्हें लाभ दिया जा रहा है। कुछ लाभार्थियों के खाता संख्या में कमी के कारण उनके खातों में पेंशन नहीं पहुंची। त्रुटियां दुरुस्त कराई जा रही हैं। जल्द ही उनके खातों में भी शासन से सीधे पैसा पहुंचेगा।
उधर जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा खान ने डीएम से नरैनी तहसील के
रगौली भटपुरा गांव में समाजवादी पेंशन से तमाम महिलाओं के नाम गायब करने की
शिकायत की है।
सप्ताह भर में दुरुस्त कराएं त्रुटियां
शासन ने लाभार्थियों से त्रुटियां दुरुस्त कराने को सप्ताह भर का समय दिया है। 31 मार्च के बाद यदि बैंक खाते या अन्य कमियां दूर नहीं करा सके तो इनके नाम लाभार्थी सूची से बाहर कर दिए जाएंगे।
नगर पालिका और ग्राम पंचायत यह मान लेंगे कि ये मौजूदा समय में यहां रहते ही नहीं है या फिर पेंशन लेने में रुचि नहीं रखते हैं। सिर्फ 4400 लोगों को ही पेंशन मिलेगी।
परेशान करने पर महिलाओं का हंगामा
विकास भवन स्थित समाज कल्याण
विभाग के दफ्तर के सामने बिसंडा से आईं करीब आधा सैकड़ा से ज्यादा महिलाओं
ने मंगलवार को हंगामा किया। समाज कल्याण अधिकारी से बाबुओं के खिलाफ परेशान
करने और कमीशन न देने पर पेंशन से वंचित कराने की प्रधानों की धमकी से
अवगत कराया।
शांति, श्यामकली, राजेंद्र, वेदवती, छोटेलाल, रामसखिया व निशा
आदि ने कहा कि वे गरीबी में जीवन गुजार रही हैं। महामाया पेंशन भी मिलती
रही है लेकिन प्रधान ने समाजवादी पेंशन में कमशीनबाजी की की है। कई गरीबों
को रईस और रईसों को गरीब बना दिया है।
समाजवादी पेंशन की मांग
सदर तहसील के बोधीपुरवा गांव निवासी सुदामा, मालती, गीता, जतनिया आदि ने समाजवादी पेंशन दिलाने की मांग की है। डीएम को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि उन्हें महामाया व रानी लक्ष्मीबाई पेंशन मिलती थी। समाजवादी पेंशन में उनका नाम खारिज कर दिया गया।
उधर, नरैनी क्षेत्र के मुरवां गांव निवासी नीरज राजपूत, मेवाराम, लालाराम, हरीराम, राममिलन, केशव और रामेंद्र आदि ने गांव में लगभग 50 पात्रों के नाम समाजवादी पेंशन से खारिज करने की शिकायत जिलाधिकारी से की है। धांधली में लेखपाल व पंचायत मित्र की मिलीभगत बताई है।