बांदा। बड़ोखर विकासखंड के ग्राम पंचायत करहिया में लाखों रुपये की अनियमितता के मामले में डीएम ने दो सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।
कमेटी में परियोजना निदेशक ग्राम विकास अभिकरण व अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को रखा गया है। करहिया के ग्रामीणों ने पिछले दिनों जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में गांव में कराए गए विकास कार्यों में धनराशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। कहा था कि ग्राम पंचायत में सदस्यों की बैठक कभी नहीं बुलाई जाती है। प्रधान व सचिव फर्जी तरीके से बैठक दिखाकर कार्यों को स्वीकृत कर धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।
धीरेंद्र बाजपेयी के दरवाजे से राजेंद्र के दरवाजे तक, अच्छेलाल के घर से पवन के घर तक, रामगोपाल के मकान से राजकिशोर के मकान तक सीसी रोड का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। गांव में स्ट्रीट लाइन मरम्मत के नाम पर कई लाख का फर्जी भुगतान किया गया है। सोलर लाइट व डस्टबिन खरीद में खासी गडबड़ी की गई है। गोशाला निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई। नालियों में दवा का छिड़काव किया नहीं गया और हजारों रुपये भुगतान कर दिया।