फतेहपुर से आए जय श्रीवास्तव के लिए यह पहला प्रयास था। उन्होंने बताया कि कुछ प्रश्न कठिन अवश्य थे, परंतु परीक्षा का अनुभव सकारात्मक और प्रेरणादायक रहा। वहीं चित्रकूट जनपद की संध्या, जिन्होंने दूसरी बार परीक्षा दी। उन्होंने ने कहा कि इस बार का प्रश्न-पत्र पिछली बार की अपेक्षा अधिक संतुलित और व्यवस्थित था, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।
फतेहपुर निवासी शुभम अवस्थी, जो तीसरी बार इस परीक्षा में बैठे हैं। उन्होंने ने बताया कि अधिकतर प्रश्न पिछले वर्षों के पेपर से मिलते-जुलते थे, जिससे पेपर अपेक्षाकृत आसान लगा। उन्होंने कहा कि बेहतर तैयारी के चलते प्रश्नों को हल करना आसान रहा। पहली बार परीक्षा देने वाले राम नरेश ने संतोष जताते हुए कहा कि प्रश्न उनकी तैयारी के अनुरूप आए और वे पेपर से संतुष्ट हैं।
वहीं चित्रकूट की अभिलाषा सिंह और फतेहपुर से आए अभय द्विवेदी ने आयोग से समय बढ़ाने की मांग की। अभिलाषा ने कहा कि सही युग्म वाले प्रश्नों की संख्या बढ़ने से उन्हें हल करने में अधिक समय लगता है, जबकि अभय द्विवेदी ने बताया कि सूची मिलान जैसे प्रश्नों में योजनाओं को क्रम में लगाना होता है, जो एक प्रश्न नहीं बल्कि चार प्रश्नों के बराबर समय लेते हैं।
दोनों परीक्षार्थियों ने सुझाव दिया कि अगर आयोग इस पैटर्न को बनाए रखना चाहता है, तो परीक्षा के समय में कम से कम आधे घंटे की वृद्धि की जानी चाहिए, ताकि सभी प्रश्नों को सही ढंग से हल किया जा सके।
कुछ इस तरह बीती रात
बांदा : जिले में यूपी पीसीएस परीक्षा देने के लिए आए अभ्यर्थी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर रात बिताने को मजबूर रहे। होटल और रैन बसेरे पहले से ही फुल थे, जिससे कई छात्रों को खुले आसमान के नीचे या चौराहों पर रात गुजारनी पड़ी। कुछ ने स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर अध्ययन किया, जबकि कुछ पूरी रात पढ़ाई करते नजर आए। रेलवे प्रशासन ने उद्घोषणा कर परीक्षार्थियों को जानकारी दी, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था की कमी साफ नजर आई। अभ्यर्थियों ने सरकार से ठहरने की बेहतर व्यवस्था की मांग की है।
संध्या
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