बांदा। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने धान की खरीद कर रहीं एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी किसानों का पूरा भुगतान तत्काल करें। साथ ही एक हफ्ते के अंदर खरीद केंद्रों में डंप धान की उठान सुनिश्चित करें। इसके अलावा जो मिलर्स समय से धान नहीं ले रहे उनकी सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को धान खरीद की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे डीएम ने एफसीआई और खाद्य विपणन शाखाओं द्वारा किसानों को किया गया भुगतान संतोषजनक पाया। एफपीसी, एफपीओ और पंजीकृत सरकारी समितियों के जिला प्रभारियों को निर्देश दिए कि बकाया भुगतान तत्काल करें। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि जिले के खरीद केंद्रों में कुल 9032.88 मीट्रिक टन धान डंप है। इससे खरीद प्रभावित हो रही है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष जनपद के लिए खरीद का लक्ष्य 75 हजार मीट्रिक टन था। इसमें अब तक 52092.09 मीट्रिक टन खरीद की जा चुकी है। यह लक्ष्य का 64.45 फीसदी है। यह भी बताया कि खरीदे गए धान में 43059.20 मीट्रिक टन धान राइस मिलर्स को भेजा जा चुका है। 9032.88 मीट्रिक टन अवशेष है।
विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय ने बताया कि राइस मिलर्स ने 18,813 मीट्रिक टन चावल एफसीआई को भेजा है। मिलर्स के पास अब 10037 मीट्रिक टन धान अवशेष है। डीएम ने क्रय केंद्रों पर डंप धान के शीघ्र उठान के निर्देश दिए। केंद्र प्रभारियों को इसके लिए एक हफ्ते का समय दिया है।
डीएम ने खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देश दिए कि जो मिलर्स समय से धान प्राप्त नहीं कर रहे उनकी सूची तैयार करें। किसी भी दशा में आढ़तियों या बिचौलियों से धान नहीं खरीदा जाना चाहिए। डीएम ने कहा कि 50 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले किसानों की जांच राजस्व विभाग से कराकर ही खरीद की जाए। एफसीआई के मंडल प्रबंधक सुनील कुमार रबी विपणन वर्ष 2021-22 के लिए गेहूं भंडारण की कार्ययोजना बैठक में पेश की।
जिलाधिकारी ने सभी संस्थाओं के भंडारण और गोदामों को चिह्नित कर उनका डाटा बेस तैयार करने को कहा, ताकि गेहूं खरीद के समय इनका उपयोग भंडारण स्थल के रूप में किया जा सके। समीक्षा बैठक में एडीएम संतोष बहादुर सिंह, मंडलीय संभागीय लेखाधिकारी इंद्रभान सिंह, सहायक आयुक्त (सहकारिता) वीरेंद्र बाबू दीक्षित आदि उपस्थित रहे।