बांदा। मंडल मुख्यालय के जिला पुरुष अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम है। उमस भरी गर्मी में वार्डों में भर्ती मरीज और तीमारदार बिलबिला रहे हैं। अस्पताल के इमरजेंसी, महिला, पुरुष और बच्चा वार्ड में एसी तो लगे हैं, लेकिन वह शोपीस साबित हो रहे हैं। किसी-किसी में करंट जरूर दौड़ रहा है, लेकिन ठंडी हवा एसी से बाहर नहीं आ रही। एक वार्ड में लगे कूलर का पंखा (एग्जास्ट) गायब मिला। वार्डों में पहुंचने पर उमस के चलते वहां खड़ा रहना भी मुमकिन नहीं है। पंखे की हवा से मरीजों को गर्मी से कितनी राहत मिल सकती है, अंदाजा लगाया जा सकता है। सबसे ज्यादा खराब हालत इमरजेंसी वार्ड और बच्चा वार्ड की है। इमरजेंसी वार्ड में पंखे के सहारे मरीज दिन-रात गुजार रहे हैं। बच्चा वार्ड का कमरा छोटा होने की वजह से उमस में तीमारदारों को बेचैनी महसूस हो रही है, मासूमों की हालत खराब है। बर्न वार्ड में व्यवस्था दुरुस्त नजर आई। सरकारी अस्पताल के कार्यालयों में जरूर एसी और कूलर की ठंडी हवा अधिकारियों और कर्मचारियों को मिल रही है। (संवाद)
अतरहट से तीमारदार अस्पताल में लाया पंखा
चिल्ला क्षेत्र के अतरहट गांव निवासी छोटू का एक रिश्तेदार अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है। वार्ड में एसी खराब होने की वजह से उमस है। छोटू ने बताया कि वह जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जवाहर नगर मोहल्ला निवासी महिला मरीज भगवती भर्ती है। गुरुवार को अस्पताल में भर्ती हुई थी और शुक्रवार को उसका आपरेशन किया गया। इसके बाद उसे इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया है। वहां पर एसी खराब पड़ा हुआ है। उमस के चलते परेशानी होने पर महिला के तीमारदार घर से टेबल फैन लाकर अस्पताल के वार्ड में लगाया, तब मरीज को गर्मी से राहत मिली।
सभी वार्डों में नए एसी लगवाए गए हैं। इसके साथ ही मरीजों को गर्मी से बचाने के लिए कूलर भी लगाए गए हैं। एक कूलर खराब हो जाने के कारण उसका पंखा निकालकर मरम्मत के लिए भेजा गया है। मरीजों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। सभी एसी और कूलर चल रहे हैं।
डा. आरके गुप्ता, प्रभारी सीएमएस, जिला पुरुष अस्पताल
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