बांदा। पीडब्ल्यूडी की ओर से कराई गई दो सड़कों की पैचिंग महीने भर भी न चलीं। लोगों ने इसकी जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। बारिश से गड्ढों में तब्दील सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए शासन ने 20 नवंबर तक का समय तय किया था। पीडब्ल्यूडी ने पैचिंग तो कराई, पर गुणवत्ता दरकिनार कर दिया। पैच सड़क से ऊंचे होने के कारण यह ब्रेकर का काम कर रहे हैं। इससे वाहन चालक आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग खंड-2 के क्षेत्र में महाराणा प्रताप चौक से कालूकुआं और कालूकुआं से महोखर बाईपास चौराहे तक मार्ग आता है। इस मार्ग पर पिछले वर्ष भी पैचिंग कराई गई थी, लेकिन इस वर्ष बारिश में दोनों सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गईं। शासन से जनपद की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए करीब दस करोड़ रुपये की डिमांड की गई थी। शासन ने छह करोड़ रुपये जारी किए थे। 20 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की तिथि निर्धारित की गई थी। बजट विलंब से आने का बहाना कर पीडब्ल्यूडी खंड-दो के अधिकारियों ने आनन-फानन पैचिंग कराई, पर गुणवत्ता को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। महाराणा प्रताप चौक से कालूकुआं तक में करीब पांच लाख और कालूकुआं से बाईपास चौराहे तक करीब छह लाख रुपये पैचिंग पर खर्च किए गए। दिसंबर का महीना भी पूरा नहीं हुआ और ज्यादातर पैच उखड़ गए। इसके अलावा महाराणा चौक से कालूकुआं तक जो पैच लगाए गए हैं, वह सड़क लेवल से तीन से चार इंच ऊपर हैं। इससे ये ब्रेकर का काम कर रहे हैं। इस मार्ग पर मंडलायुक्त, डीआईजी, डीएम से लेकर अन्य बड़े अफसरों के आवास व कैंप कार्यालय भी हैं। पैच ऊंचे होने से वाहन सवार आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
शासन से की मामले की शिकायत
बांदा। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष व सपा नेता जेल रोड निवासी सुशील त्रिवेदी ने ट्वीट व पत्र के जरिए शासन में शिकायत की है। उन्होंने कहा कि सड़कों की पैचिंग में पीडब्ल्यूडी ने बड़ा घपला किया है। इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोषियों से सरकारी धन के दुरुपयोग की रिकवरी कराई जाए।
वर्जन-
-कालूकुआं से महाराणा प्रताप चौक और कालूकुआं से बाईपास तक पैचिंग कराई गई है, पर वाहनों का ज्यादा दबाव होने के कारण कुछ जगह उखड़ गई होगी। फिर भी जांच कराएंगे। -सुरेंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा