फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां-बाप की खिदमत करने वाले को जन्नत

Sat, 21 Nov 2015 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। दर्से हिदायत के पांचवें सालाना जलसे में मौलाना सैय्यद गाजी रब्बानी (छोटे हजरत) ने मां-बाप की खिदमत और सेवा को जन्नत (स्वर्ग) जाने का जरिया बताया। कहा कि इस्लाम के कानून पर अमल करने वाले को जरूर जन्नत मिलेगी।
विज्ञापन


शुक्रवार की रात अलीगंज स्थित पीरा मस्जिद के पास आयोजित सालाना पांचवें जलसे मेें मौलाना रब्बानी ने कहा कि अदब बड़ी चीज है।

अदब करने वाला शख्स खुशनसीब होता है। उसका मुकाम भी आला होता है। अदब से ही कामयाबी की मंजिल मिलती है। अदब न करने से ही शैतान मरदूद हो गया।

उन्होंने कहा कि बूढ़े मां-बाप की खिदमत कर उन्हें खुश रखना चाहिए। मां के कदमों तले जन्नत है। इस्लाम के कानून पर अमल करें। जलसे को मौलाना मुफ्ती हबीबुर्रहमान (सादीमदनपुर) ने भी खिताब किया।
विज्ञापन


शुरुआत मौलाना जाहिद अली ने तिलावत से की। मौलाना बरकत रब्बानी, मशकूर रब्बानी और सरवर रब्बानी ने नात पढ़ी। संचालन मौलाना हस्सान मसूदी ने किया।

मौलाना महमूद रब्बानी, गौहर रब्बानी और मुफ्ती सबाहुद्दीन ने दर्से हिदायत के काम और फायदे बताए। दुआ और सलाम के साथ जलसे का समापन हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें