बांदा। ट्रेनों से आई खाद और अन्य सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग का कई माह से भुगतान न होने पर चित्रकूट में पीसीएफ के पल्लेदारों/मजदूरों ने काम बंद कर दिया है। ऐसे में बुधवार को यहां आ रही डीएपी खाद की रैक में लोडिंग-अनलोडिंग का काम प्रभावित होने के आसार हैं। हड़ताल लंबी खिंची तो किसानों को खाद का संकट खड़ा हो सकता है। ठेकेदारों का कहना है कि करीब 50 लाख का भुगतान पीसीएफ में बकाया है।
रैक से माल उतारने और ट्रकों में लोड करने का काम विभागीय ठेकेदारों द्वारा मजदूरों से कराया जाता है। इस काम के लिए एफसीआई और पीसीएफ अलग-अलग टेंडर करते हैं। मजदूरों ने बताया कि ठेकेदारों ने उन्हें अगस्त माह से भुगतान नहीं किया। दीपावली में भी मजदूरी नहीं मिली। ठेकेदार पीसीएफ से भुगतान न होने की बात कहकर टाल देते हैं। मजदूरों ने चेतावनी दी कि जल्द भुगतान न हुआ तो चित्रकूट के बाद बांदा में भी हड़ताल की जाएगी।
उधर, दोनों जनपदों में बुधवार को डीएपी की रैक आनी है। समय से डीएपी न उतरी तो पीसीएफ को हजारों रुपये रोजाना रेलवे को हर्जाना देना पड़ेगा। ठेकेदार इरशाद व राजेंद्र का कहना है कि चित्रकूट में उनका करीब 50 लाख का भुगतान लंबित है। व मजदूरों को कहां से पैसा दें?
उधर, जिला प्रबंधक निर्मल कुमार ने बताया कि लेखा लिपिक के मेडिकल अवकाश पर चले जाने से भुगतान में देरी हो रही है। शासन के आदेश पर वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। एक-दो दिन में भुगतान हो जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक पुष्पेंद्र कुशवाहा का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।