बांदा। आपदा के बीच किसान धान की फसल को बचाने में लगा है तो दूसरी ओर प्रशासन शनिवार से जिले में होने वाली धान की खरीद की तैयारी में है। हालांकि जिले में धान की फसल देर से तैयार होती है। इधर, दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। खेत में खड़ी व खलिहान में रखी धान की फसल भीग गई है। किसानों का कहना है कि मौसम का यहीं हाल रहा तो शायद ही वह सही सलामत धान घर ले जा पाएंगे।
बुंदेलखंड में धान की खरीद पहली नवंबर से किए जाने के शासन के आदेशों के क्रम में विभाग ने सभी तैयारी पूरी कर ली है। जिले में धान की खरीद के लिए खाद्य विभाग के 17, यूपीएसएस के छह व पीसीएफ के पांच क्रय केंद्र खोले जा रहे हैं। जिनका जिलाधिकारी ने अनुमोदन कर दिया है। जिसमें बांदा गल्ला मंडी में खाद्य विभाग के दो व यूपीएसएस का एक क्रय केंद्र खेला जा रहा है। इसके अलावा तिंदवारी, बिसंडा, महुआ, नरैनी, बबेरू, कमासिन, जसपुरा में क्रय केंद्र खोले जा रहे हैं।
शासन ने जिले में धान के खरीद का लक्ष्य तीन लाख 70 हजार क्विंटल निर्धारित किया है लेकिन दो दिन की बारिश से विभाग सकते में आ गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एक तो जनपद में धान की फसल देर से तैयार होती है। दूसरा दो दिन की बारिश से किसानों की खेत में खड़ी व खलिहान में रखी धान की फसल भीग गई है। जिसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
उधर, बिसंडा के किसान रामभरोसे का कहना है कि मौसम का यही हाल रहा था तो शायद किसानों को धान घर ले जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। खेत व खलिहान में भी धान सड़कर समाप्त हो जाएगा। अपर जिलाधिकारी कुमार धर्मेंद्र का कहना है कि बारिश से धान की फसल को नुकसान हुआ है। आपदा को कोई रोक भी नहीं सकता है। प्रशासन किसानों के साथ है। मौसम खुल जाए तो अभी भी धान को बच सकता। लेकिन मौसम खराब रहा तो शायद धान खरीद का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल हो जाएगा।