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धान खरीद ठप

Tue, 19 Jan 2016 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा।
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में बारिश ने धान खरीद पर ब्रेक लगा दिया। धान में नमी बढ़ने से क्रय केंद्रों पर मंगलवार को सन्नाटा रहा। मौसम साफ होने पर जनवरी माह में धान खरीद ने तेजी पकड़ी थी और 31,600 मीट्रिक टन धान खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 65 फीसदी खरीद हुई।
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 चित्रकूट में सिर्फ 3.50 फीसदी धान खरीदा गया है। अब धान खरीद के सिर्फ 12 दिन बचे हैं। ऐसे में खराब मौसम किसानों के लिए चिंता का सबब बन गया है।चित्रकूटधाम मंडल में सूखे के चलते रबी की फसल से उम्मीदें तकरीबन खत्म हैं। धान की फसल बेंचकर किसान किसी तरह खर्च व खाने का इंतजाम कर रहे हैं। शासन ने इस साल सरकारी केंद्रों को अक्तूबर से धान खरीद शुरू करने के निर्देश दिए थे।

बांदा जिले में 29000 और चित्रकूट में 2600 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया था। फसल में देरी से दिसंबर माह तक  धान क्रय केंद्रों में बोहनी नहीं हुई। जनवरी में पहले सप्ताह से धान की आमद शुरू हुई। धान खरीद को बांदा में खोले गए विपणन, पीसीएफ, यूपी एग्रो, यूपीएसएस, कर्मचारी कल्याण निगम, नैकफ इत्यादि एजेंसियों के 26 व चित्रकूट में दो क्रय केंद्रों पर धान बेचने वालों की भीड़ लग गई। इन 18 दिनों में बांदा में 20,717 मीट्रिक टन और चित्रकूट में 290 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई।
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इसमें 9,160 एमटी धान लाइसेंसधारक आढ़तियों ने खरीदा है।  दो दिन से मौसम में तब्दीली और मंगलवार को बारिश ने धान बेचने आए किसानों को मायूस कर दिया। धान में मानक से अधिक नमी आने से खरीद पर ब्रेक लग गया है। तौलाने के लिए मंडी स्थित केंद्रों पर रखा धान नमी बढ़ने से किसानों को वापस ले जाना पड़ा। उधर, 31 जनवरी तक धान खरीद होनी है। इन 12 दिनों में यदि मौसम में सुधार नहीं हुआ तो किसानों का धान घरों में रखा रह जाएगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी रीतेश सिंह ने बताया कि धान में इस समय नमी अधिक आ गई है। इससे खरीद प्रभावित हुई है। मौसम साफ होने पर फिर तेजी आएगी।

नगद भुगतान का आदेश धड़ाम
बांदा। धान खरीद में किसानों को मौके पर ही भुगतान का आदेश केंद्र प्रभारियों पर बेअसर है। किसानों को भुगतान के लिए बैंकों के चक्कर न लगाने पड़े। इसके लिए शासन इस साल आरटीजीएस के जरिये किसानों के खाते में 24 घंटे के अंदर धनराशि भेजने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके केंद्रों पर किसानों का पौने दो करोड़ से ज्यादा बकाया है। भुगतान न मिलने से किसान बेचैन और परेशान हैं। नैकफ एजेंसी के केंद्रों पर सबसे ज्यादा 49 लाख, यूपीएसएस में 15, कर्मचारी कल्याण निगम में 39 और एनसीसीएफ में 43 लाख किसानों का बकाया हो गया है।

जल्द होगा बकाया भुगतान
‘किसानों को खरीदे गए धान का भुगतान जल्द किया जाएगा। इसके लिए एजेंसियों को पत्र लिखा गया है। धान में मानक से कुछ ज्यादा नमी भी है तो खरीद होगी। प्रभारियों का बहाना नहीं चलेगा। मानक के नाम पर कटौती हो तो किसान उनके यहां शिकायत करें। अशोक कुमार, संभागीय खाद्य नियंत्रक, चित्रकूटधाम मंडल
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