बुंदेलखंड में बालू खदान या पहाड़ ठेकेदार और क्रशर संचालकों का पुलिस के साथ हमेशा चोली-दामन का साथ रहता है। खनिज व्यवसायियों की यह मजबूरी भी है। पहाड़ और क्रशर संचालकों की कई कमजोरियां हैं। पुलिस इनका भरपूर फायदा उठा सकती है। यही वजह है कि पूरे बुंदेलखंड में फैले साढ़े 300 से ज्यादा स्टोन क्रशर मालिकों का याराना पुलिस से है।
इस दोस्ती में कभी कोई पेंच पड़ा तो महोबा जैसी घटनाएं सामने आती हैं। कबरई (महोबा) के क्रशर और पहाड़ मंडी पूरे प्रदेश में अव्वल है। इसकी वजह यह है कि इस इलाके में पाया जाने वाला ग्रेनाइट पत्थर पूरे प्रदेश में सबसे अच्छी क्वालिटी का माना जाता है। लोक निर्माण विभाग ने भी इस पत्थर को अप्रूवल दे रखा है।
यही वजह है कि कबरई मंडी से पूरे साल रोजाना कई सैकड़ा ट्रक गिट्टी के पूरे प्रदेश के विभिन्न शहरों में जाते हैं। गिट्टी की रॉयल्टी दर बालू से 10 रुपये अधिक है। बालू की 150 रुपये और गिट्टी की 160 रुपये घनमीटर है। क्रशर संचालकों की पुलिस से सांठगांठ इसलिए मजबूरी है कि ट्रक में 12 से 14 घनमीटर तक ही गिट्टी भरने का रवन्ना/रॉयल्टी जारी होती है।