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ओवरलोड ट्रकोें से सरहद का पुल धराशायी

Mon, 17 Oct 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
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नहर पुल धराशायी होने से फंसा ट्रक। - फोटो : अमर उजाला
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करतल (बांदा)। यूपी-एमपी को जोड़ने वाली सड़क पर केन नहर पर बना महत्वपूर्ण और प्राचीन पुल बालू के ओवरलोड ट्रकों से धराशायी हो गया। इससे बरियारपुर बांध समेत दोनों राज्यों के दर्जन भर से अधिक गांवों का सड़क संपर्क भी टूट गया है। बांदा के सिंचाई विभाग ने अज्ञात ट्रकों के विरुद्ध अजयगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर दी है।
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मुख्य केन नहर पर यूपी-एमपी की सीमा में बांदा सिंचाई विभाग ने कई दशक पूर्व बांदा-लवलास (एमपी) के बीच बरियारपुर से 25 किलोमीटर दूर पुल बनवाया था। इससे होकर एमपी के बीरा, लवलास, मचगांव, बिल्हरी, फरस्वाह, लायचा, खम्हरिया, पिस्टा और यूपी के करतल, भावरपुर, बिलरा, महाराजपुर, नहरी, रानीपुर और नरैनी के लोग आते-जाते थे। पन्ना का भी रास्ता था। इस पुल की देखरेख बांदा सिंचाई विभाग प्रखंड के जिम्मे है।

काफी दिनों से इस पर बालू के ओवरलोड ट्रकों की धमाचौकड़ी मची है। बीरा, चंदौरा, खरौनी, बरौली, मानपुर, बिल्हरका, चांदीपाटी, लहुरेटा आदि घाटों से निकाली जा रही बालू के वाहन इसी पुल से गुजर रहे थे। नतीजतन रविवार को डंपर ट्रक निकलते समय यह पुल धराशायी हो गया।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार रावल ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत पुलिस और आला अफसरों से की गई, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कोई तवज्जो नहीं दी। एमपी पुलिस ने भी ओवरलोड ट्रकों पर रोक नहीं लगाई।

उन्होंने बताया कि अजयगढ़ (एमपी) थाने में अज्ञात ट्रकों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पत्र दिया गया है। उधर, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता लालमन ने कहा कि अजयगढ़ पुलिस एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल कर रही है। ओवरलोड ट्रकों पर रोक नहीं लगी तो नहर पर बने और भी पुल धराशायी हो सकते हैं।


11 किमी चक्कर लगाना पड़ेगा
करतल। केन नहर पर बना पुल ध्वस्त होने के बाद अब इस पार यूपी और उस पर एमपी में बसे एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोगों को अपने छोटे-बड़े या हल्के-भारी वाहन 11 किलोमीटर दूरी का चक्कर लगाकर चांदीपाटी पुल से निकालना होंगे। हालांकि चांदीपाटी के पुल पर भी किसी भी समय ध्वस्त होने का खतरा मंडरा रहा है।

सिंचाई विभाग के इस पुल का निर्माण भी अंग्रेजी जमाने में हुआ था। इस पुल से भी बालू के ओवरलोड ट्रकों की धमौचाकड़ी मची हुई है। उधर, लवलास के पास टूटे पुल के पुनर्निर्माण के बारे मेें सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का कहना है कि इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। बजट स्वीकृत होने पर ही निर्माण होगा। इसमें कुछ समय लग सकता है।
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