बांदा। पावर कारपोरेशन द्वारा रमजान माह में अन्य बड़े शहरों के साथ बांदा को 22 घंटे बिजली आपूर्ति का आदेश 12 घंटे के अंदर ही औंधे मुंह गिरा। कारपोरेशन ने दो घंटे की कटौती के आदेश को 6 से 8 घंटे की कटौती में बदल दिया। पूरा दिन और देर रात तक शहर का अधिकांश इलाकों में बिजली गुल रही। अधिशासी अभियंता ने 22 घंटे आपूर्ति जैसे किसी भी आदेश से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि बुधवार को शाम उन्हें 4 घंटे कटौती करने का निर्देश प्राप्त हुआ है।
मंगलवार को लखनऊ में पावर कारपोरेशन ने शहरों में 22 घंटे आपूर्ति के आदेश जारी किए थे। कहा था कि दिन और रात में एक-एक घंटे मात्र कटौती होगी। इसमें बुंदेलखंड और खासकर बांदा को भी शामिल किया गया है। लेकिन बुधवार को ही यह आदेश फ्लाप साबित हुआ। सुबह 10 से 12 (दो घंटे) कटौती हुई। शाम को 3 से 5 निर्धारित कटौती के अलावा देर रात तक कई फीडरों में आपूर्ति ठप रही।
इस बारे में अधिशासी अभियंता (वितरण खंड, शहरी क्षेत्र) धरमपाल सिंह राजपूत ने बताया कि उन्हें मंगलवार को शाम कंट्रोल रूम से यह संदेश मिला है कि रमजान माहभर 6 जुलाई तक दिन में 4 घंटे रोजाना कटौती होगी। सुबह 10 से 12 और शाम 3 से 5 कटौती का समय निर्धारित किया गया है। उधर, कारपोरेशन के मुख्य अभियंता एके सक्सेना का कहना है कि कटौती इत्यादि कंट्रोल रूम के द्वारा निर्धारित की जा रही है। इसमें स्थानीय अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं है।