बांदा। राइफल क्लब खेल मैदान की प्रस्तावित नीलामी के खिलाफ विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का गुस्सा और तेज हो गया है। मैदान को बचाने और इसे मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में विभिन्न दलों ने प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर नीलामी प्रक्रिया को तत्काल रोकने और मैदान के संरक्षण की गुहार लगाई गई है।
प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया कि 150 साल पुराने और ऐतिहासिक राइफल क्लब खेल मैदान, जिसका क्षेत्रफल 9800 वर्ग मीटर है, को बांदा विकास प्राधिकरण द्वारा उद्योगपतियों को नीलाम करने की तैयारी की जा रही है। महायोजना 1982-2001 में भी इसे एक खेल मैदान के रूप में स्वीकार किया गया था। यह निर्णय खेल प्रेमियों और शहरवासियों के बीच विकास प्राधिकरण के प्रति भारी रोष पैदा कर रहा है। उनका कहना है कि खेल के मैदानों को बेचकर व्यावसायिक परिसर बनाना शहर के भविष्य के लिए हानिकारक है।
धरने में प्रमुख विपक्षी नेताओं की उपस्थिति
इस धरने में कांग्रेस के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के अलावा, सपा के राष्ट्रीय सचिव हसन सिद्दीकी, सपा सांसद कृष्णा पटेल, पूर्व मंत्री शिवशंकर पटेल, सपा जिलाध्यक्ष मधुसूदन कुशवाहा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, कांग्रेस महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सीमा खान, शहर अध्यक्ष अफसाना, जदयू की शालिनी पटेल, बुंदेलखंड इंसाफ सेना के एएस नोमानी, रमेशचंद्र दुबे, लोकदल जिलाध्यक्ष और अन्य प्रमुख नेता व कार्यकर्ता शामिल थे।
नीलामी प्रक्रिया पर ग्रहण, आवेदन न आने से निरस्त
बांदा विकास प्राधिकरण ने इस व्यावसायिक भूखंड विक्रय नीलामी के लिए 2 जनवरी से 17 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। हालांकि, इस नीलामी के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों और विभिन्न संगठनों द्वारा बहिष्कार के आह्वान के कारण इस अवधि में एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। जिसके चलते प्राधिकरण को नीलामी प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा। यह विरोध प्रदर्शनों की सफलता का एक प्रमाण है।