बुंदेलखंड में पारा लगातार चढ़ रहा है। तीन दिन तक 47 डिग्री पर टिका रहा तापमान रविवार को बांदा में 49 डिग्री पहुंच गया। यह इस सीजन में अब तक का सबसे गर्म दिन साबित हुआ। जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। महोबा में भी कमोवेश मौसम के तेवर यही है। हमीरपुर में 47 और चित्रकूट में 48.5 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया। हालांकि अगले दो दिनों में पारे में कुछ कमी का पूर्वानुमान है। 11 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से लू चलती रही।
47 और 48 डिग्री में जनजीवन त्राहि-त्राहि कर उठा था। रविवार को पारा एक डिग्री और चढ़ गया। सुबह से ही धूप में शिद्दत थी। दोपहर होते-होते यह बर्दाश्त से बाहर होने लगी। कुछ ही खुली धूप में रहने से जिस्म झुलसने सा लगा। गर्म हवाओं वाले लू के थपेड़ों ने हालत और खराब कर दी। भीड़ भाड़ वाले इलाकों में भी दिन भर सन्नाटा रहा। राहगीर तरह-तरह के तरीके अपनाकर मौसम की मार से बचाव करते रहे।
बांदा में 14 किलोमीटर और महोबा में 15 किलोमीटर प्रति घंटा रफ्तार से गर्म हवाएं चलती रहीं। इसी तरह हमीरपुर जनपद में अधिकतम 47 व न्यूनतम 29 और चित्रकूट जिले में अधिकतम 48.5 व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। क्रमश: 13 और 11 किलोमीटर प्रति घंटा रफ्तार से हवाएं चलीं। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सोमवार को शाम बादल और बूंदाबांदी हो सकती है। मंगलवार को भी तापमान कम होने का अनुमान है।
जानलेवा रूप अख्तियार कर चुके मौसम में लू और धूप के मद्देनजर सीएमओ ने कहा है कि मौजूदा मौसम में सतर्कता की अत्यधिक जरूरत है। सलाह दी है कि संभव हो तो दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सूरज की किरणों से बचे रहें। शराब, चाय, काफी और कार्बोनेटेड साफ्ट ड्रिंक से परहेज करें।
सीएमओ डॉ. संतोष कुमार के जारी पत्र में कहा गया है कि हीट वेव (लू) से मौत भी हो सकती है। यह शरीर की कार्य प्रणाली पर जबरदस्त प्रभाव डालती है। पानी जमकर पीयें। प्यास न हो तो भी पीयें। हल्के रंग और पसीना सोखने वाले हल्के कपड़े पहने। धूप में निकले तो चश्मा, छाता, टोपी, चप्पल का इस्तेमाल करें।
खुले में काम करते समय सिर, चेहरा, हाथ, पैर गीले कपड़े से ढके रहें। यात्रा में निकलें तो पीने का पानी साथ रखें। उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक यानी लू के लक्षणों में कमजोरी, चक्कर, सिर दर्द, उबकाई, पसीना, बेहोशी आदि शामिल है। ऐसे में तुरंत डाक्टर को दिखाएं। जानवरों को भी छायादार स्थान पर रखें और पीने का पानी देते रहें। तेज गर्मी में मेहनत के काम न करें।