मुख्यमंत्री योगी के आदेश के बाद ‘माननीयों’ ने जिले में पेयजल समस्या को लेकर गंभीरता दिखाई है। कैंप कार्यालय में आई शिकायतों के आधार पर विधायकों ने स्थल चयन कर हैंडपंपों लगाने व रिबोर कराने का प्रस्ताव डीडीओ को भेज दिया है। सदर विधायक प्रकाशचंद्र द्विवेदी ने अपने विधानसभा क्षेत्र में 88 हैंडपंपों के रिबोर, बबेरू विधायक चंद्रपाल कुशवाहा ने अपने क्षेत्र के 90 और नरैनी विधायक राजकरन कबीर ने अपने क्षेत्र के 50 हैंडपंपों के रिबोर का प्रस्ताव दिया है। जबकि तिंदवारी विधायक ब्रजेश कुमार प्रजापति की ओर से अभी तक प्रस्ताव की फाइल नहीं पहुंची। एमएलसी रमेश कुमार मिश्र ने 7 हैंडपंपों के रिबोर का प्रस्ताव भेजा है।
उधर, पिछले साल तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में 100-100 हैंडपंप लगवाने की अनुमति दी थी। इसके लिए बजट भी जारी किया गया था। लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते यह काम अटक गया। सदर में 89, बबेरू में 39, नरैनी में 27 और तिंदवारी में 96 हैंडपंप का ही प्रस्ताव मिला था। जल निगम ने इसी हिसाब से हैंडपंप लगवाए थे। अवशेष बचे 149 हैंडपंप अब मौजूदा विधायकों के प्रस्ताव पर लगाए जाने हैं। सदर विधानसभा क्षेत्र में विधायक ने 11, बबेरू विधायक ने 61, नरैनी विधायक ने बचे 73 में 69 नए हैंडपंपों का प्रस्ताव दिया है। एमएलसी रमेश मिश्र की तरफ से 8 हैंडपंप लगाने का प्रस्ताव दिया गया है।
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तिंदवारी से नहीं आए हैंडपंपों के प्रस्ताव
बांदा। पेयजल समस्या को लेकर तिंदवारी विधायक शायद गंभीर नहीं हैं। रिबोर और नए हैंडपंप लगवाने को लेकर अभी तक उनके स्तर से कोई प्रस्ताव डीडीओ दफ्तर में नहीं आया। भीषण गर्मी में तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल की समस्या सबसे ज्यादा विकराल है। यहां तत्कालीन विधायक दलजीत सिंह के कोटे में 100 हैंडपंप मिले थे। उन्होंने 96 हैंडपंप तो लगवा दिए। लेकिन 4 हैंडपंप बचे हैं। इसके लिए मौजूदा विधायक ब्रजेश कुमार प्रजापति की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया।
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‘हैंडपंपों के रिबोर व अधिष्ठान संबंधी विधायकों के प्रस्ताव का जिलाधिकारी ने अनुमोदन कर दिया है। गर्मी में पेयजल की किल्लत को देखते हुए जल निगम से प्रस्तावित हैंडपंपों का रिबोर व नए हैंडपंप लगाने का काम शीघ्र पूरा कराने को कहा गया है।’
- आरपी मिश्रा, प्रभारी डीडीओ, बांदा