ज्योत्यवेंद्र दुबे
बांदा। लोधी महासभा के राष्ट्रीय सम्मेलन के मंच से भी सियासत का रंग साफ दिखाई दिया।
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह लोधी ने करीब 28 मिनट के संबोधन में बुंदेलखंड की धरती, भगवान राम और लोधी समाज के प्राचीन संबंधों को जोड़ते हुए बुंदेलखंड में भाजपा की जड़ों को सींचा। वहीं समाजवादी पार्टी को पीडीए और एमवाई के मुद्दे पर निशाने पर लिया और सपा से सावधान रहने की अपील की।
मंत्री ने भाषण की शुरुआत और अधिकांश हिस्से में भगवान राम का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि यह राम की धरा है और चित्रकूट का क्षेत्र है, जहां भगवान राम ने इतना समय बिताया। उन्होंने लोधी समाज को भगवान राम का अनुयायी बताते हुए राम के वनवास और सीता हरण की कथा का उल्लेख किया।
कहा कि सीता के हरण के बाद भगवान राम ने वन में विलाप करते हुए उनके बारे में पूछा लेकिन जब पता चला कि रावण उन्हें ले गया है तो समुद्र पर पुल बनाकर लंका पहुंचे और रावण का वध किया। इस प्रसंग से उन्होंने समाज को संदेश दिया कि अपना हक कैसे लिया जाता है।
राम और लोधी समाज के रिश्ते को चित्रकूट से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि जब भगवान राम चित्रकूट आए तो कामतानाथ ने उनकी सेवा की थी और वह लोधी समाज से थे। इसी आधार पर कहा कि भगवान राम से लोधी समाज का नाता बेहद प्राचीन है।
इसके बाद मंत्री ने मतदान को लेकर समाज को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वोट लोभ, लालच और जाति से बढ़कर नीति और नीयत देखकर देना चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर यह भी कहा कि अगर कोई दूसरी पार्टी केवल जातिगत वोट हासिल करने के लिए लोधी समाज के व्यक्ति को टिकट देती है तो भी वोट किसे देना है, इसका निर्णय सोच-समझकर किया जाना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि सपा केवल पराया धन अपना करना जानती है। यादव और मुस्लिम वोटबैंक को लेकर भी उन्होंने तंज कसा। कहा कि सपा यादव और मुस्लिम को टिकट नहीं देगी, क्योंकि वह जानती है कि ये कहां जाएंगे। उन्होंने समाज से सावधानी से मतदान करने की अपील की।
मंत्री ने अपने संबोधन का समापन भी धार्मिक और राष्ट्रवादी नारों के साथ किया। भाषण के बाद उन्होंने राम-राम, भारत माता की जय, धरती माता की जय और गऊ माता की जय के उद्घोष के साथ विदा ली।
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बुंदेलखंड की सीटों पर है लोधी वोट का प्रभाव
बुंदेलखंड में लोधी वोट बैंक का प्रभाव कई सीटों पर है। बांदा में नरैनी, हमीरपुर, महोबा, उरई, राठ, चरखारी, झांसी के गरौठा, बबीना और ललितपुर जैसे इलाकों में लोधी मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है।
ऐसे में कई सीटों पर उनका मतदान हार-जीत भी तय करता है। कई विधानसभा क्षेत्रों में लोधी बिरादरी के मतदाता उम्मीदवारों के समीकरण को बनाने और बिगाड़ने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि चुनाव से पहले बांदा में लोधी महासभा का राष्ट्रीय सम्मेलन अहम माना जा रहा है।