नरैनी। नसेनी गांव में मोहर्रम पर ताजिएदारों द्वारा
बनवाया गया ताजिया आकर्षण का केंद्र रहा। सफेद कागज में की गई नक्काशी
देखते ही बनते थी। ताजिए का माडल देवाशरीफ (बाराबंकी) स्थित मजार की इमारत
का था।
उधर, 11वीं मोहर्रम को नरैनी में मिलाप आदि के बाद ढोल-ताशा
की गूंज के बीच ढाल और ताजिए नसेनी घाट केन नदी में सुपुर्दे-आब
(विसर्जित) कर दिए गए। नसेनी गांव में ताजिएदार मोहम्मद रशीद, मुन्ना,
शकील, मुस्तकीम खां, साजिद, अबरार आदि की मदद से ताजिया तैयार किया गया।
हजारों
लोग ताजिया जुलूस में शामिल हुए। पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। नरैनी में छोटी
बाजार, बशीर महल और डा.न्याजी के सामने से होकर ताजिया और ढाल जुलूस
गुजरा। जहान अली समेत कई लोगों ने लंगर किया। पुलिस और प्रशासन के अफसर
मौजूद रहे।