-रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पैथोलॉजी पीजी की पांच सीट मांगी
- सभी विषयों को मिलाकर हो जाएंगी 50 सीटें, इसी सत्र से शुरू होगी पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में अब पैथोलॉजी की भी पीजी कक्षाएं चलेंगी। इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने नेशनल मेडिकल कमीशन से पांच सीटों की मांग की है। मांग स्वीकृत होने पर यहां ब्लड जांच, हिस्ट्रोलॉजी, बिसरा की जांच आदि की भी पढ़ाई की जा सकेगी। पैथोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट करने के लिए मेडिकल के छात्रों को अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं प्राचार्य का कहना है कि इसी सत्र से पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है।
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में एमडी, एमएस के आठ विषयों एनाडमी, फिजियोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिसिन, कम्यूनिटी मेडिसिन, जनरल सर्जरी, एनीथिसिया, फार्माक्लोजी व ईएनटी की पढ़ाई की जा रही है। इन विषयों में 27 सीटें निर्धारित हैं। इसी तरह से डीएनबी डिप्लोमा पीजी में पिडियाट्रिक, फैमिली मेडिसिन, स्त्री रोग, नेत्र रोग, रेडियोडायग्नोटिक्स में पढ़ाई की जा रही है। इनमें 18 सीट निर्धारित हैं।
अब मेडिकल कॉलेज में पैथोलॉजी विषयों में भी पढ़ाई की मांग की गई है। कॉलेज प्रशासन की तरफ से पांच सीटों की मांग की गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन से मांग स्वीकृत होने पर मेडिकल कॉलेज में पैथोलॉजी विषयों की भी पढ़ाई शुरू हो जाएगी। यह पांच सीटों की स्वीकृति मिलने पर मेडिकल कॉलेज में अब पीजी की पढ़ाई के लिए 50 सीटें होंगी।
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रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में पीजी में पैथोलॉजी की कक्षाएं चलाने के लिए पांच सीटों की मांग की गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन से मांग पूरी होने पर यहां पैथोलॉजी की भी पढ़ाई शुरू होगी।
- डॉ. सुनील कौशल
प्राचार्य, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज