बांदा। कोविड-19 के बीच चित्रकूटधाम मंडल के एकलौते राजकीय मेडिकल कालेज को एक और उपलब्धि हासिल हो गई। एनॉटमी और फिजियोलॉजी में अब परास्नातक चिकित्सा शिक्षा की मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (नेशनल मेडिकल कमीशन) ने दोनों विभागों में तीन-तीन सीटों पर दाखिले की अनुमति प्रदान की है।
हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इन दोनों विभागों में पांच-पांच सीटों पर प्रवेश की अनुमति का अनुरोध किया था। बांदा राजकीय मेडिकल कालेज प्रदेश के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (लखनऊ) से संबद्ध है। आयोग के मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (मार्ब) के सदस्य/प्रेसीडेंट द्वारा शुक्रवार को एमडी (डाक्टर ऑफ मेडिसिन) सीट पर दाखिले से संबंधित अनुमति दिए जाने के बाबत पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया कि मौजूदा सुविधाओं के आधार पर एनॉटमी और फिजियोलॉजी में एमडी (परास्नातक) कोर्स के लिए मेडिकल कॉलेज को मात्र तीन-तीन सीटें मंजूर की गई हैं। आईएमसी एक्ट 1956 व यू/एस 61(2) के तहत अनुमति दी जा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव और चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक को भी पत्र भेजकर बांदा मेडिकल कालेज को परास्नातक शिक्षा की अनुमति दिए जाने के बारे में अवगत कराया गया है। प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि इन दोनों विभागों में एमडी/पीजी कोर्स के लिए पांच-पांच सीट की मांग की गई थी। इनमें एक-एक एसोसिएट सीट शामिल थी, लेकिन एनएमसी ने तीन-तीन सीटों की मंजूरी दी है। इस वर्ष होने वाली नीट परीक्षा के बाद वर्ष 2021-22 के लिए इन दोनों विभागों की परास्नातक सीटों पर दाखिले किए जाएंगे। पीजी कोर्स की मंजूरी से चिकित्सा शिक्षा का स्तर बढ़ेगा।
एनएमसी टीम ने निरीक्षण में जताया था संतोष
बांदा। पीजी कोर्स की मान्यता से पहले एनएमसी द्वारा गठित दोनों विभागों की टीम ने इसी वर्ष मार्च माह के पहले हफ्ते में बांदा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। एमडी की मान्यता को एनॉटमी विभाग के लिए डा. एके सिंह (एचओडी, एलोपैथिक मेडिकल कालेज, हल्द्वानी) और फिजियोलॉजी विभाग के लिए डा. संदीप सरदेसाई (एचओडी, मेडिकल कालेज, गोवा) ने चार मार्च को यहां मेडिकल कालेज की व्यवस्थाएं देखी थीं। टीम के संतोष जताने के बाद से मान्यता मिलने की उम्मीदें बढ़ गई थीं। (संवाद)
कम्युनिटी, फोरेंसिक मेडिसिन में मंजूरी का इंतजार
बांदा। एनॉटमी और फिजियोलॉजी विभाग में पीजी कोर्स की मान्यता हासिल होने के बाद अब कम्युनिटी मेडिसिन और फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में भी परास्नातक कोर्स की मंजूरी का इंतजार है। इस बाबत प्रधानाचार्य डा. मुकेश यादव ने बताया कि कम्युनिटी मेडिसिन में सात सीट और फोरेंसिक मेडिसिन में तीन सीट के लिए मान्यता दिए जाने का एनएमसी से अनुरोध किया है। इन दोनों विभागों के लिए भी एनएमसी टीम का निरीक्षण हो चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन विभागों पर भी परास्नातक कोर्स में दाखिले की अनुमति शीघ्र मिल जाएगी। (संवाद)
जालौन मेडिकल कालेज को दो-दो सीट मिलीं
बांदा। राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने यह भी बताया कि बांदा के अलावा जालौन मेडिकल कालेज को भी पीजी कोर्स की अनुमति मिल गई है। एनॉटमी और फिजियोलॉजी विभागों में एमडी कोर्स के लिए दो-दो सीटों पर प्रवेश की अनुमति एनएमसी द्वारा प्रदान कर दी गई। पीजी कोर्स की मान्यता से बांदा के साथ जालौन मेडिकल कालेज में भी चिकित्सा शिक्षा का स्तर बेहतर होगा। यहां पर प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भी बढ़ेंगे। स्वास्थ्य सुविधाएं भी बेहतर होंगी। (संवाद)
एनॉटमी, फिजियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर स्थानांतरित
बांदा। मेडिकल कॉलेज के जिन विभागों में एमडी की मान्यता मिली है, उन्हीं विभागों के चार प्रोफेसरों का तबादला हो गया है। रिक्त पद एमडी कोर्स की तैयारियों में रोड़ा बन सकती हैं। एनॉटमी विभाग में प्रोफेसर रहे डा. विनय कुमार का मेरठ और एसोसिएट प्रोफेसर डा. मंजुला सिंह का कन्नौज स्थानांतरण हो गया है। अब इस विभाग में मात्र दो सहायक प्रोफेसर बचे हैं। इसी तरह फिजियोलॉजी के प्रोफेसर डा. जलज सक्सेना का कानपुर और डा. पूनम गुप्ता का प्रयागराज तबादला हो गया है। यहां भी दो सहायक प्रोफेसर बचे हैं। प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के रिक्त पदों पर नियुक्ति न होने पर एमडी कोर्स की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। (संवाद)