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खेत में तालाब खुदवाएं तो अब 90 फीसदी अनुदान

Wed, 08 Jun 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बुंदेलखंड खरीफ गोष्ठी में मौजूद अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। बुंदेलखंड में चल रही खेत-तालाब योजना में किसानों को दिया जा रहा 50 फीसदी अनुदान बढ़ाकर 90 फीसदी किया जाएगा। किसानों की इच्छा पर तालाब का साइज भी बढ़ाया जाएगा। किसानों को मुफ्त स्प्रिंकलर सेट और पंप सेट देने पर भी विचार किया जा रहा है।
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बुधवार को बांदा कृषि विश्वविद्यालय में हुई खरीफ गोष्ठी में प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीण कुमार ने ये घोषणाएं कीं। गोष्ठी में प्रदेश के प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने कहा है कि बुंदेलखंड की मंडियों को इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म से सुसज्जित किया जाएगा। इसकी शुरुआत ललितपुर से हो गई है।

बुंदेलखंड स्तरीय खरीफ गोष्ठी में कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) व कृषि सचिव के अलावा पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव संजय जोशी और उद्यान विभाग के प्रमुख सचिव नवेदिता शुक्ला सहित कृषि से संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि बुंदेलखंड में आज भी परंपरागत खेती हो रही है। इसमें बदलाव की जरूरत है। किसानों को सलाह दी कि कम मेहनत और अधिक आमदनी की खेती अपनाएं।
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उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में सहभागी फसल निगरानी और निदान प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत फसल में कोई भी कीड़ा या रोग दिखाई देने पर किसान कृषि रक्षा विभाग के दो मोबाइल नंबरों पर मैसेज या वाट्सएप अथवा ई-मेल कर सकेंगे।

मैसेज में किसान समस्या के साथ अपना नाम, गांव, ब्लाक व जिला तथा मोबाइल नंबर भी लिखें। गोष्ठी में प्रमुख सचिव (कृषि) अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि बुंदेलखंड की 44 कृषि उत्पादन मंडी समितियों में इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। ऑनलाइन व्यवस्था के तहत किसी भी प्लेटफार्म पर किसान अपनी उपज बेचने के लिए लाएंगे। इसमें पूरे प्रदेश की मंडियों में खरीददार बोली लगा सकेंगे।

प्रदेश के कृषि निदेशक मुकेश श्रीवास्तव ने कहा कि बुंदेलखंड का किसान खेत तालाब योजना में 52,000 रुपये अंशदान जमा नहीं कर पा रहा है। इसके मद्देनजर शासन में अनुदान बढ़ाकर 90 फीसदी किए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। गुरुवार को लखनऊ में होने वाली बैठक में इस पर फैसला हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि अन्ना पशुओं के उपयोग के लिए समितियां गठित की जाएंगी। दलहन और तिलहन की पैदावार को बढ़ावा देने के लिए इस साल बुंदेलखंड में अरहर बीज में 45 रुपये, तिलहन में 40 रुपये और तिल में 100 रुपये किलो अनुदान दिया जा रहा है।

प्रमुख सचिव (उद्यान) निवेदिता शुक्ला ने बुंदेलखंड के किसानों को हार्टीकल्चर ई-स्टेट और पोषक वाटिका जैसी योजनाओं का लाभ उठाने को प्रेरित किया है। गोष्ठी को झांसी मंडल के कमिश्नर के. मोहन राव, चित्रकूटधाम मंडल कमिश्नर एल.वेंकटेश्वर लू ने भी संबोधित किया। प्रमुख सचिव कृषि ने सूखे में बुंदेलखंड में योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए दोनों मंडलायुक्तों की पीठ थपथपाई।

मेजबान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसएल गोस्वामी ने भी विचार रखे। जिलाधिकारियों में योगेश कुमार (बांदा), मोनिका रानी (चित्रकूट), वीरेश्वर कुमार (महोबा), उदयवीर सिंह यादव (हमीरपुर), संदीप कौर (उरई), डॉ. रूपेश कुमार (ललितपुर) व अजय कुमार शुक्ला (झांसी) समेत सभी जिलों के सीडीओ व अन्य मंडल स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। संचालन कृषि विश्वविद्यालय निदेशक एमके वाजपेयी ने किया। गोष्ठी में कई किसानों ने कृषि अधिकारियों से सवाल-जवाब भी किए।
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