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पांच लाख से अधिक जमा करने वालों को नोटिस

Thu, 16 Mar 2017 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा
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बांदा। नवंबर माह में हुई नोटबंदी के बाद विभिन्न बैंकों में जमा हुई करोड़ों की रुपये की रकम का अब खाताधारकों से सवाल पूछा जा रहा है। आयकर विभाग ने बड़ी संख्या में बांदा के खाताधारकों को नोटिस जारी की हैं। इससे बड़ी रकम जमा करने वाले खाताधारकों में हड़कंप है। 8 नंवबर 2016 की रात 12 बजे से 500 और 1000 नोट पर रोक लग गई थी। इन नोटों को बदलने और बैंकों में जमा करने के लिए 30 दिसंबर तक की मोहलत दी गई थी।
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बड़ी संख्या में यहां भी खाताधारकों व अन्य लोगों ने यह प्रतिबंधित नोट बैंकों में जमा कर दिए। अब आयकर (इनकम टैक्स) विभाग ने ऐसे लोगों पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पहले चरण में फिलहाल उन लोगों को नोटिस  जारी की गई है, जिन्होंने अपने खाते में 5 लाख या इससे अधिक रुपया जमा किया है। आयकर विभाग ने इन खाताधारकों से इस पैसे की आमद का स्रोत पूछा है। चित्रकूटधाम मंडल में सैकड़ों लोगों को उनके मेल या मोबाइल फोन पर मैसेज के जरिए भी यह नोटिसें प्राप्त हुई हैं। खाताधारकों में हड़कंप है। आयकर अधिकारी यूवी सिंह ने बताया कि नोटिस उन्हीं को जारी हुआ है जिन्होंने 8 नंवबर के बाद 5 लाख या इससे अधिक रुपया खाते में जमा किया है। उन्होंने बताया कि यह नोटिस आयकर विभाग द्वारा सीधे नई दिल्ली से भेजी जा रही हैं। खाताधारक के मोबाइल फोन या ई-मेल पर मैसेज आ रहा है। आयकर अधिकारी ने यह भी बताया कि खाताधारक को अपना स्पष्टीकरण निर्धारित तिथि पर ऑनलाइन देना होगा। बताना होगा कि यह रुपया कहां से आया? जवाब न देने वाले खाताधारकों पर अगली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली मुख्यालय से इन खाताधारकों की सूची बांदा कार्यालय को मिलेगी। उनकी जांच होगी।

इनकम टैक्स अधिवक्ताओं की चांदी
बांदा। आयकर विभाग की नोटिसों ने इस विभाग में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं की चांदी कर दी। खाताधारक परेशान व सकते में हैं और वकीलों की कमाई बढ़ गई है। 8 नवंबर के बाद 5 लाख से अधिक जमा करने वाले खाताधारक बड़ी संख्या में हैं। इनमें अधिकांश व्यापारी व अन्य कारोबारी हैं। नोटिस मिलने पर यह सब अपने इनकम टैक्स अधिवक्ता की शरण ले रहे हैं। अधिवक्ता उनकी नोटिस का जवाब तैयार कराकर भेजवा रहे हैं। इसके बदले में उन्हें मेहनताना के रूप में आमदनी हो रही है।
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