बांदा। बिसंडा ब्लाक के मरौली गांव के विकास कार्यों में हुई गड़बड़ी और घोटाले की शिकायत पर जांच के लिए गठित दो सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में दो लाख 44 हजार रुपये की गड़बड़ी पाई है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने विभिन्न अवधियों में इस गांव में तैनात रहे चार ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उधर, बबेरू विधायक ने डीएम को पत्र भेजकर दोषियों पर कार्रवाई को कहा है।
मरौली के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर अनियमितता करने के आरोप लागए थे। डीएम के आदेश पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक और डीपीआरओ की दो सदस्यीय कमेटी ने जांच की थी।
सात पृष्ठीय जांच आख्या में कमेटी ने खड़ंजा, नाला निर्माण इत्यादि में दो लाख 44 हजार 4 रुपये धनराशि का गलत उपयोग/अपव्यय पाया। इसमें ग्राम प्रधान, सचिव और संबंधित अवर अभियंता को समान रूप से उत्तरदायी बताया गया। इस पर डीपीआरओ संजय कुमार यादव ने हाल ही में मरौली में विभिन्न अवधि में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी आकाश वर्मा, सुरेश कुमार व महेश प्रसाद, ग्राम पंचायत अधिकारी राममूरत को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
जांच रिपोर्ट के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई न होने से विधायक चंद्रपाल कुशवाहा ने डीएम को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट का हवाला देकर कहा है कि दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उधर, इस बारे में प्रभारी डीपीआरओ संजीव सिंह बघेल ने बताया कि विधायक के पत्र पर तकनीकी कमेटी गठित करके परीक्षण कराया जा रहा है। डीपीआरओ यह भी बोले कि पूर्व में क्या हुआ? वह नहीं जानते।