जनसुनवाई करतीं राज्य महिला आयोग सदस्य प्रभा गुप्ता। साथ में अधिकारी।
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बांदा। राज्य महिला आयोग को कुछ अधिकारी भाव नहीं दे रहे। इसकी ताजी बानगी शनिवार को यहां सर्किट हाउस में आयोजित महिला जनसुनवाई में सामने आई। आयोग की सदस्य प्रभा गुप्ता ने इस पर गहरा असंतोष जताते हुए जनसुनवाई से नदारद अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, शहर में स्थित राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास के निरीक्षण में आयोग सदस्य को भारी अनियमितताएं मिलीं।
जनसुनवाई में सदस्य राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रभा गुप्ता ने महिलाओं के लिए चलाई जा रही सुरक्षा व अन्य योजनाओं की समीक्षा की। फरियादियों से उनकी समस्याएं और शिकायतें सुनीं। कई विभागों के कार्य असंतोषजनक होने पर असंतोष जताया। डूडा के परियोजना अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, परियोजना निदेशक इत्यादि के जनसुनवाई से अनुपस्थित होने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के बाद प्रभा गुप्ता ने मर्दन नाका खाईंपार स्थित राजकीय अनुसूचित जाति महिला छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। यहां अंधेरगर्दी मिली। उन्होंने बताया कि छात्रावास की अधीक्षक चार दिनों से नदारद हैं। हाजिरी रजिस्टर में कोई हस्ताक्षर नहीं थे। यहां रह रही छात्राओं के आने-जाने का कोई समय या रोकटोक नहीं है। सीसी कैमरे भी नहीं हैं। पंजीकृत 41 छात्राएं हैं, जबकि मौके पर सिर्फ 17 मिलीं।
कई छात्राएं 4-4 वर्ष से रह रही हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में भी वे संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिख रही हैं। साथ ही अपनी पूरी रिपोर्ट आयोग को प्रेषित करेंगी। जनसुनवाई और निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलक्टर रामकुमार, पुलिस उपाधीक्षक कुलदीप गुप्ता इत्यादि उपस्थित रहे।