बांदा। जिले में 30 से ज्यादा संचालित प्राइवेट अस्पताल अग्निशमन विभाग का मानक पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में विभाग ने महज तीन को ही एनओसी दे रखी है। शेष अस्पतालों में भवन का डिजाइन मानक में रोड़ा बन रहा है। इसके लिए अग्निशमन विभाग ने ऐसे अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में अस्पताल मालिकों को समय देकर उनसे मानक पूरा करने के लिए कहा गया है। साथ ही ऐसे अस्पतालों की सूची विकास प्राधिकरण को भी दी गई है।
राजस्थान के जयपुर के अस्पताल में हुए हादसे के बाद बांदा जिले में भी ऐसे प्राइवेट अस्पतालों की भी सूची तैयार की गई है जो अग्निशमन विभाग का मानक पूरा नहीं कर पा रहे हैं। 30 से ज्यादा अस्पतालों की सूची में महज तीन अस्पताल ही ऐसे हैं जिन्हें अग्निशमन विभाग ने एनओसी दी है। शेष सभी अस्पताल अग्निशमन विभाग के मानक को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारी के मुताबिक, मानक में अस्पताल भवन का डिजाइन रोड़ा बन रहा है। इसलिए उनको एनओसी नहीं दी जा सकी है।
हालांकि इन अस्पतालों में फायर फाइटिंग सिस्टम को लगाया है, लेकिन भवन का डिजाइन मानक में खरे नहीं उतर रहे हैं। अग्निशमन विभाग प्रत्येक अस्पताल को समय-समय पर नोटिस जारी कर रहा है। किसी अस्पताल को दो बार तो किसी को तीन बार नोटिस दे चुका है, लेकिन यह अस्पताल एनओसी लेने के मानक अब तक पूरा नहीं कर सके हैं।
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अग्निशमन विभाग की एनओसी मिलने के मानक
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- फायर सिस्टम
-भवन डिजाइन
- लाइफ सेविंग सिस्टम
अग्निशमन विभाग के मानक पूरे न कर पाने वाले प्राइवेट अस्पतालों को नोटिस दिया गया है। नोटिस में समय देकर मानक पूरे करने के लिए कहा गया है। जिले में ज्यादातर संचालित प्राइवेट अस्पतालों के भवन की डिजाइन अग्निशमन विभाग के मानक के अनुसार नहीं है। ऐसे भवनों की सूची विकास प्राधिकरण को भी दी गई है।
कुलदीप कुमार, एफएसओ, बांदा।