बांदा। दैवी आपदा की मार से त्रस्त बुंदेलखंड के किसानों को 50 फीसदी अनुदान वाली सोलर पंप योजना भी नहीं लुभा पा रही है। इस वित्तीय वर्ष में चित्रकूटधाम मंडल में 262 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ 120 किसानों ने ही आवेदन किया है। इसमें भी अंशदान जमा करने वालों की संख्या मात्र 28 है।
सोलर फोटो वोल्टिक इरीगेशन पंप योजना के तहत हमीरपुर और चित्रकूट में 63-63, बांदा और महोबा जिलों में 68-68 सोलर पंप लगाने का शासन ने लक्ष्य रखा है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के चार माह खत्म हो रहे हैं, लेकिन अभी तक चारों जिलों में सिर्फ 120 किसानों ने आवेदन किए हैं।
यह हाल तब है जबकि इसमें 50 फीसदी अनुदान है। योजना के तहत तीन एचपी के सोलर पंप पर 64,070 रुपये अनुदान और इतना ही किसानों का अंश और पांच एचपी पर 1,98,940 रुपये अनुदान और इतना ही किसानों को अंशदान जमा करना है। सोलर पंप लगाने का जिम्मा सिकंदराबाद की फर्म मेसर्स प्रीमियर सोलर सिस्टम को दिया गया है। इसी कंपनी के नाम ड्राफ्ट बनवाकर किसानों का अंशदान जमा कराया जा रहा है।
अंशदान जमा करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई खत्म हो चुकी है, लेकिन हमीरपुर जिले में अभी तक सिर्फ तीन आवेदन आए हैं। यहां किसी भी आवेदक ने अंशदान नहीं जमा किया। चित्रकूट जिले में 15 किसानों ने 3 एचपी पंप के लिए आवेदन तो कर दिए हैं, लेकिन अंशदान जमा करने नहीं आए। महोबा में 14 आवेदन आए हैं। इनमें से सिर्फ पांच किसानों ने अंशदान जमा किया है। बांदा में 72 किसानों ने आवेदन किया है। यहां सबसे अधिक 63 किसानों ने अंशदान जमा किया है।
उधर, मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 18 जुलाई को सोलर संयंत्र बांटने का निर्देश दिया था, लेकिन किसानों की इस योजना के प्रति बेरुखी भांपते हुए कृषि विभाग ने फिलहात यह मेला टाल दिया है। शासन ने सोलर पंप योजना में 20 फीसदी अल्पसंख्यकों का कोटा निर्धारित किया है, लेकिन यह भी पूरा नहीं हो पाया है।
इनसेट...
किसान व्यस्त हैं, आएंगे फार्म
फिलहाल किसान खरीफ की बुआई में व्यस्त हैं। इसलिए आवेदन कम आ रहे हैं। अंशदान जमा कर चुके किसानों के यहां जल्द ही सोलर पंप लगाए जाएंगे। यदि किसानों ने किसी तरह पूंजी जुटाकर अंशदान जमा कर दिया तो उन्हें सिंचाई की सुविधा बेहद आसान हो जाएगी। बिजली का झंझट नहीं रहेगा। बुंदेलखंड में सूखे जैसे हालात से पार पाने को शासन सोलर पंपों को विशेष वरीयता दे रही है।
-गणेशमणि त्रिपाठी, संयुक्त कृषि निदेशक, चित्रकूटधाम मंडल।