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बैंक से पैसा न मिलने पर किसान का हार्टफेल

Sun, 27 Nov 2016 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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दुखी लोग। फाइल फोटो - फोटो : Demo Pic.
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बांदा। नोटबंदी से एक और मौत हो गई। बेटी के लिए लड़का देखने जाने के लिए बैंक से पैसा निकालने में नाकाम किसान की हार्टअटैक से मौत हो गई। उस पर बैंक का कर्ज भी था।
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नोटबंदी के कारण लाइनों में धक्के खाने के बाद भी किसान अपना पैसा बैंकों से नहीं निकाल पा रहे हैं। बैंकों से रुपये न मिलने से हार्टअटैक या आत्महत्या से अब तक चार मौतें हो चुकी हैं। ताजी घटना बबेरू कोतवाली क्षेत्र के मुरवल गांव की है।

शिवबरन साहू (45) पुत्र बाबूलाल का खाता गांव में स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में है। सूखा राहत अनुदान के लगभग 10 हजार रुपये उसके खाते में जमा हैं। इससे चार हजार रुपये निकालने के लिए वह दो दिन से बैंक आकर लाइन में धक्के खा रहा था लेकिन उसे पैसा नहीं मिला। वह मायूस होकर लौट गया। उसे बेटी के लिए लड़का ढूंढने की चिंता थी। इसी काम के लिए वह जसपुरा जाना चाहता था। मंशा थी कि लड़का पसंद आने पर वहीं कुछ रस्म अदा कर देंगे। दो दिन से पैसा न मिलने पर शनिवार की शाम उसे दिल का दौरा पड़ा और कुछ ही देर में घर पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस में पिता ने बताया कि शिवबरन के नाम छह बीघे खेती है। केसीसी का 25 हजार और गांव वालों का 20 हजार रुपये कर्ज है, लेकिन बैंक से रुपये न मिलने पर वह तनाव में आ गया।
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