गर्मी के दस्तक देते ही पावर कारपोरेशन के बिजली कटौती शेड्यूल ने शहर के बाशिंदों को पेयजल संकट के घेरे में ला दिया है। सवेरे जलापूर्ति के समय तीन घंटे की बिजली कटौती से शहर में पानी को लेकर चीख-पुकार शुरू हो गई है।
जल संस्थान अधिकारियों का कहना है कि कटौती का यह समय हरगिज दुरुस्त नहीं है। उपभोक्ता आंदोलन पर आमादा हो जाएंगे। इस शेड्यूल को बदलाने के लिए वह अधिकारियों से अनुरोध करेंगे।
अब तक ठंड से पानी की मांग और खपत कम थी। ऐसे में कम जलापूर्ति में भी उपभोक्ता अपना काम चला रहे थे। अब तापमान बढ़ने के साथ ही पानी की मांग भी बढ़ी है। दूसरी तरफ पावर कारपोरेशन में बिजली कटौती का समय मार्च माह में बदलकर सुबह 7 से 10 और शाम 4 से 7 बजे कर दिया है। सुबह का समय जलापूर्ति का है।
जल संस्थान पिछले कई महीनों से सुबह 8 बजे से आपूर्ति कर रहा था। अब जलापूर्ति के समय बिजली गुल हो जाने से शहर के 80 फीसदी उपभोक्ताओं के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है। एक-दो दिन में व्यवस्था नहीं बदली तो जनांदोलन शुरू हो जाएंगे।
उधर, जल संस्थान अधिशासी अभियंता वीबी सिंह का कहना है कि सुबह जलापूर्ति के समय बिजली नहीं रही तो उपभोक्ता आफत कर देंगे। 7 बजे से पहले तड़के जलापूर्ति करना भी उपभोक्ताओं को रास नहीं आता। ऐसे में सुबह 8 बजे तक बिजली आपूर्ति जरूरी है ताकि उपभोक्ताआें को पानी के लिए तरसना न पड़े।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि सोमवार को वह इस बारे में जिलाधिकारी और पावर कारपोरेशन अभियंताओं से अनुरोध करेंगे।