फोटो- 19 यमुना नदी में मासूम की खोज में जुटे एसडीआरएफ की टीम। संवाद
बबेरू। मरका थाना क्षेत्र के मरका-असोथर पुल से पांच वर्षीय बच्ची को मां के द्वारा यमुना नदी में फेंके जाने की घटना के 24 घंटे बाद भी मासूम का कोई पता नहीं चल सका है। शनिवार सुबह से एसडीआरएफ की 11 सदस्यीय टीम और स्थानीय गोताखोरों ने करीब तीन किमी तक नदी में जाल और कांटा डालकर सर्च अभियान चलाया लेकिन देर शाम तक बच्ची का शव बरामद नहीं हो पाया।
पुलिस के मुताबिक उसरा गांव निवासी 25 वर्षीय रुबीना जो अपने मायके में बीते पांच वर्ष से रह रही थी, उसका शुक्रवार की दोपहर मां से विवाद हुआ था। इसके बाद वह अपनी पांच वर्षीय पुत्री पिंकी को बाल कटवाने का बहाना बनाकर घर से निकली और मरका-असोथर पुल पर पहुंच गई। आरोप है कि उसने बच्ची को नदी में फेंक दिया और खुद भी कूदने की कोशिश की।
घटना के दौरान महिला ने राहगीरों के फोन से अपनी मां को आत्महत्या की बात बताई। शोर-शराबा सुनकर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को हिरासत में लिया और तत्काल गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई।
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तीन किलोमीटर दायरे में तलाशी
शनिवार को एसडीआरएफ टीम ने नाव के सहारे गहराई वाले हिस्सों में जाल डलवाए। तेज धारा और गाद के कारण तलाशी में दिक्कतें आ रही हैं। पुलिस का कहना है कि नदी के किनारे-किनारे भी निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी संकेत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। मरका थाना प्रभारी मिथिलेश सिंह ने बताया कि पति की तहरीर पर महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। महिला से पूछताछ की जा रही है और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्ची की बरामदगी तक सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।