गेहूं खरीद का पहला दिन केंद्रों में जड़े तालों के बीच बीता। ट्रैक्टर-ट्रालियों में गेहूं लेकर आए किसानों को काफी परेशानी हुई। मजबूरी में उन्हें आढ़तियों के यहां अपना गेहूं औने-पौने दाम बेचना पड़ा। खरीद केंद्रों के बाहर नई पेंटिंग भी नहीं कराई।
सरकारी गेहूं खरीद एजेंसियों और आरएफसी को गेहूं खरीद के पहले सारी तैयारियां पूरी करने और समय से केंद्र खोलने के निर्देश दिए गए थे लेकिन ये निर्देश पहले ही दिन औंधे मुंह गिरे। मंडी परिषद स्थित विपणन विभाग, यूपी एग्रो और पीसीएफ के सेंटरों में ताले नहीं खुले। गेहूं लेकर मंडी आए किसान ताला देख मायूस हो गए।
मजबूरी में उन्हें मंडी परिसर में ही आढ़तियों के यहां गेहूं तौलाना पड़ा। पचनेही से आए किसान ओंकार सिंंह ने बताया कि घर में अगले पखवारे शादी है। सामान खरीदने के लिए गेहूं बेचने आए थे, पर यहां तो ताले भी नहीं खुले।
लौटाकर ले जाएंगे तो तेल-भाड़ा का नुकसान होगा। ऐसे में आढ़तियों के यहां बेचना पड़ा। यूपी एग्रो प्रभारी नवल किशोर यादव ने फोन पर बताया कि उनका इस साल यहां खरीद सेंटर ही नहीं है।
फड़ों में धड़ल्ले से हो रही गेहूं खरीद
शासन से आढ़तियों द्वारा गेहूं खरीदने पर रोक के बावजूद फड़ों में धड़ल्ले से गेहूं की तौल हो रही है। आढ़तिया राजकुमार ने बताया कि शासन से गेहूं खरीद में कोई रोक नहीं हैं। बशर्ते सरकारी रेट से कम में न तौला जाए, लेकिन आढ़तियों के यहां रेट भी कम दे रहे हैं और तौल में भी छानन, पल्लेवारी के नाम पर भारी कटौती की जा रही है।
आज और कल बंद रहेंगे खरीद केंद्र
विपणन निरीक्षक व केंद्र प्रभारी रीतेश सिंह ने बताया कि सरकारी अवकाश की वजह से बृ़हस्पतिवार और शुक्रवार दो दिन गेहूं खरीद केंद्र बंद रहेंगे। गेहूं खरीद की सभी तैयारियां पूरी हैं। 4 अप्रैल से केंद्र खुलेंगे और गेहूं खरीदा जाएगा।