बांदा। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विकास भवन में खोले गए इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम एंड कमांड सेंटर में नोडल अधिकारियों के नदारद मिलने पर हाल ही में शासन के निर्देश पर डीएम ने चारों नोडल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा था। इसे शासन को भेजा गया है। इसके बाद भी कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं में कुछ खास बदलाव नजर नहीं आ रहा। बृहस्पतिवार को दोपहर चारों नोडल अधिकारी सेंटर में नहीं थे।
तीन दिन पूर्व सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय से बांदा समेत प्रदेश के 19 जनपदों के कंट्रोल रूम की उपस्थिति परखी गई थी। इसमें बांदा के नोडल अधिकारी कंट्रोल रूम में नहीं थे। इस पर विशेष सचिव संजय कुमार सिंह ने जिलाधिकारी के माध्यम से तीन दिन के अंदर नोडल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा था।
साथ ही डीएम से भी उनकी संस्तुति सहित कार्रवाई का प्रस्ताव संबंधित विभाग और नियुक्ति विभाग को देने के लिए कहा था। नोडल अधिकारियों में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संजीव बघेल, बीएसए हरिश्चंद्र नाथ और एनआरएलएम उपायुक्त कृष्ण करुणा शंकर पांडेय शामिल हैं।
डीएम ने शासन के निर्देश के बाद सभी से स्पष्टीकरण लेकर अपनी संस्तुति के साथ भेजा है। उधर, इस कार्रवाई के बाद भी कंट्रोल रूम में कुछ खास बदलाव नजर नहीं आ रहा है। बृहस्पतिवार को दोपहर भी कंट्रोल रूम में कोई नोडल अधिकारी नहीं था।
इस बाबत सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा का कहना है कि नोडल अधिकारी अपने कार्यालय में बैठ कर कंट्रोल रूम की गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। इससे उनके विभागीय कार्य भी बाधित नहीं हो रहे। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी कम से कम एक बार कंट्रोल रूम जरूर जाते हैं।