करतल। सिल्ट सफाई का बजट न मिलने से इस बार नहरों की सफाई नहीं हो सकेगी। इससे सिंचाई के लिए किसानों के खेतों तक बमुश्किल ही पानी पहुंच पाएगा। वहीं इससे किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि केन बेतवा परियोजना के चलते पहले से ही कई जगहों पर मुख्य कैनाल को तोड़ दिया गया है। अब गेहूं की सिंचाई पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय के अंतर्गत जीरो किलोमीटर बरियारपुर बांध से मुख्य नहर का संचालन होता है। इससे किसानों की हजारों बीघा खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। विभाग की ओर से प्रतिवर्ष सिल्ट सफाई का कार्य कराया जाता था। इसका बजट सिंचाई विभाग द्वारा प्राप्त कर नहरी लिंक माइनर एवं मुख्य कैनाल की सिल्ट सफाई का कार्य होता रहा है लेकिन इस वर्ष ऐसा नहीं हो पाएगा। किसानों में इसी बात को लेकर चिंता है कि उनके खेतों तक पानी कैसे पहुंचेगा।
किसान भोलाराम, रतन, तेजा, शंभु, लोकेंद्र, दीपू, सियाचरण, रामऔतार आदि ने बताया कि केन बेतवा लिंक परियोजना के चलते मुख्य कैनाल को कई जगह से तोड़ा गया है। मुख्य कैनाल की फाल, झालों को भी तोड़ दिया गया है। अब सिल्ट सफाई न होने से माइनरों में जमा सिल्ट व घासफूस अवरोध पैदा करेगी। वहीं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष सिल्ट सफाई के लिए बजट नहीं जारी किया गया। कहा कि 10 जनवरी से मुख्य कैनाल चलाने का रोस्टर है।
मुख्य कैनाल शुरु करने के बाद जैसे-तैसे किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जाएगा। कहा कि केन बेतवा लिंक परियोजना के द्वारा मुख्य कैनाल में कार्य किया जा रहा है। सिल्ट सफाई का कार्य भी वहीं करेंगे।