मदरसा परिसर में एकत्रित हथौरा मदरसे के छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
इस्लामिक शिक्षा के लिए विश्वविख्यात मदरसा जामिया अरबिया, हथौरा में गुरुवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की दो सदस्यीय टीम ने यहां पढ़ रहे कश्मीर के सात छात्रों, उनके शिक्षकों और मदरसा संचालकों से पूछताछ कर कई जानकारियां जुटाईं। एनआईए ने यहां से करीब तीन माह पूर्व पढ़कर जा चुके कश्मीर के छात्र तौसीफ के बारे में जानकारियां लीं। उसे कुछ दिनों पूर्व कश्मीर में गिरफ्तार किया गया है।
एनआईए इसके पूर्व भी मदरसे के कश्मीरी छात्रों के बारे में जांच कर चुकी है। बांदा शहर से 16 किमी दूर हथौरा गांव स्थित विश्वविख्यात मदरसा 1933 से स्थापित है। यहां लगभग ढाई हजार छात्र हैं, जिनमें सात कश्मीरी छात्र भी हैं। मदरसा संस्थापक स्वर्गीय मौलाना सिद्दीक के बड़े बेटे हबीब अहमद मदरसे का संचालन कर रहे हैं। गुरुवार सुबह 10 बजे एनआईए के दो सदस्य मदरसा पहुंचे और कश्मीरी छात्रों समेत उनके शिक्षकों से बंद कमरे में देर तक पूछताछ की। छात्रों के दस्तावेज आदि देखे। मदरसा संचालक कहीं बाहर गए हुए थे। उनके छोटे भाई मौलाना मुफ्ती नजीब अहमद से भी एनआईए सदस्यों ने पूछताछ की। कई घंटे तक यह सिलसिला चला। शाम करीब साढ़े छह बजे एनआईए सदस्य वापस चले गए।
सूत्रों के मुताबिक, कश्मीर निवासी तौसीफ नामक छात्र पूर्व में मदरसे का छात्र रहा है। करीब तीन माह पूर्व यहां से जा चुका है। कश्मीर में उसे एनआईए ने विगत दिनों गिरफ्तार किया है। उसी के बारे में एनआईए सदस्य मदरसे में ज्यादा जानकारियां जुटाते रहे। उससे मदरसे मिलने आने वालों और रहन-सहन आदि के बारे में पूछा। मदरसे के सभी शिक्षकों और जिम्मेदारों ने एनआईए को जांच में सहयोग दिया। उधर, इसे लेकर पूरा दिन अफवाहों का बाजार गर्म रहा। बड़ी संख्या में मदरसा के छात्र परिसर में इकट्ठा रहे। मदरसा जिम्मेदार मौलाना नजीब अहमद ने बताया कि मदरसे में किसी भी तरह की गलत गतिविधियों को हरगिज गुंजाइश नहीं है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को यहां नहीं दाखिल होने दिया जाता।