बांदा। 1857 में तत्कालीन बांदा नवाब द्वारा बांदा में पड़े भीषण सूखे के दौरान ‘काम के बदले अनाज’ योजना की तर्ज पर खुदाए गए ऐतिहासिक नवाब टैंक की एक बार फिर सूखे के दौरान ही कायापलट की जा रही है। डीएम के आगे आने के बाद तालाब पर काबिज सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों के अफसरों ने भी सोमवार को तालाब की सफाई मोर्चा संभाल लिया।
कई दिनों पूर्व डीएम योगेश कुमार ने नवाब टैंक का निरीक्षण किया था। बुंदेलखंड के इस अति खूबसूरत और ऐतिहासिक तालाब की बदहाली पर संतोष जताया था। इसी के बाद पिछले तीन दिनों से नगर पालिका और पंचायती राज विभाग के दो सैकड़ा से ज्यादा सफाई कर्मचारी नवाब टैंक की सफाई में लगाए गए थे।
सोमवार को सुबह डीएम जल संरक्षण गोष्ठी में शामिल होने नवाब टैंक पहुंचे। वहां चल रहे सफाई अभियान में खुद भी जुट गए। कचरे पर न सिर्फ फावड़ा चलाया बल्कि तालाब के पानी में पड़ी गंदगी और पेड़-पौधों का अंबार बाहर निकाल फेंका। डीएम को ऐसा करते देख अन्य अधिकारी भी सफाई में जुट गए।
बाद में यहीं आयोजित गोष्ठी में पर्यावरण व जल संरक्षण पर चर्चा की। सिंचाई विभाग के अभियंताओं को नवाब टैंक का सुंदरीकरण और इसे लोगों के सुबह-शाम टहलने के काबिल बनाने को कहा। सीडीओ आरके सिंह ने तालाब में गंदगी फैलाने, मवेशी और वाहन की धुलाई करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी।
एडीएम गंगाराम गुप्त ने नगर पालिका अधिशासी अधिकारी व सफाई निरीक्षक एचएस निरंजन को तालाब के आसपास स्वच्छता पर नजर रखने को कहा। अधिशासी अभियंता (केन केनाल) ओपी मौर्य ने नवाब टैंक में पर्यटन विकास से संबंधित प्रस्तावों की जानकारी दी।
सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव, डीपीआरओ आनंद कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी व बड़ोखर बीडीओ आरडी यादव, स्वच्छता अभियान समन्वयक मनोज द्विवेदी समेत नगर पालिका व ब्लाक कर्मचारी मौजूद रहे। गोष्ठी के अंत में सभी को पर्यावरण सुरक्षित रखने व जल संचयन को तालाबों के संरक्षण का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का संचालन मुईनुद्दीन राही ने किया। उधर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष विनोद जैन ने भी नवाब टैंक की सफाई व्यवस्था देखी। उन्होंने नवाब टैंक को शहर की शान बताते हुए कहा कि इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।
अखाड़ा हटाने पर भड़के पहलवान
बांदा। नवाब टैंक किनारे चल रहे रामदास अखाड़े को दूसरी जगह शिफ्ट करने संबंधी डीएम के निर्देश पर पहलवानों व कुश्ती प्रेमियों में आक्रोश है। सुंदरीकरण में जुटे डीएम ने पुलिस को टैंक किनारे संचालित कुश्ती अखाड़ा हटाने के निर्देश दिए हैं। पहलवान कमलेश, मूलचंद्र, दादू, अमित शर्मा, देवराज सिंह, बउवा साहू आदि का कहना है कि सौ साल पहले इस अखाड़े की शुरूआत जिले के मशहूर पहलवान लाला भइया और छुट्टन पहलवान ने की थी। यहां दांव पेच सीखकर तमाम पहलवानों ने बुंदेलखंड का नाम रोशन किया। किसी भी हालत में इस अखाड़ा को यहां से हटाने नहीं दिया जाएगा।