अतर्रा। पखवारे भर पहले तालाब की खुदाई में मिली मूर्तियां और ईंटें कुषाण काल की हैं। करीब दो हजार पुराने कुएं और ईंटों के अवेशष भी मिले। लखनऊ की पुरातत्व विभाग की टीम ने जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी है। इन मूर्तियों व अन्य अवशेषों को सुरक्षित रखा जाएगा।
अतर्रा थाना क्षेत्र के नंदना गांव में जून माह में मनरेगा से तालाब की खुदाई कराई जा रही थी। खुदाई में प्राचीन मूर्तियों सहित पुराना कुआं और ईटें मिली थीं। ईंटों व मूर्तियों को प्रधान ने अपनी देखरेख में सुरक्षित रख लिया था।
एसडीएम एके पुष्कर की सूचना पर लखनऊ की पुरातत्व विभाग की टीम ने आकर इसकी जांच की। सप्ताह भर बाद डीएम को भेजी रिपोर्ट में दो हजार वर्ष पुरानी ईंटें और मूर्तियां होने की पुष्टि की गई है। तालाब के अंदर बने कुएं को संरक्षित रखने का आग्रह किया गया है।
बताया गया कि खुदाई के समय मूर्तियां व अन्य वस्तुएं काफी क्षतिग्रस्त हुई हैं। आगे तालाब की खुदाई में मूर्तियों के अवशेष मिलने पर पुरातत्व विभाग को सूचित करने का भी आग्रह रिपोर्ट में किया गया है।
उधर, पूर्व ग्राम प्रधान श्रवण तिवारी ने कहा कि बारिश की वजह से तालाब लबालब भरा हुआ है। ऐसे में खुदाई का काम ठप है। गांव के बुजुर्ग तालाब में अति प्राचीन मूर्तियां और खजाना होने की बात भी कह रहे हैं।