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बारिश के आसार देख बढ़ाया बीज का लक्ष्य

Sun, 12 Jun 2016 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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तिल - फोटो : getty images
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बांदा। मानसून की बारिश ठीकठाक होने की लगातार मिल रही खबरों के बाद बांदा जिले में कृषि विभाग ने इस वर्ष 1511 क्विंटल बीज का लक्ष्य बढ़ा दिया है। पिछले साल छह हजार क्विंटल लक्ष्य था। इस 7511 क्विंटल बीज किसानों को अनुदान पर दिया जाएगा। प्राइवेट दुकानदारों ने भी बीजों का स्टॉक कर लिया है। मौसम विभाग ने इस वर्ष सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में खरीफ की फसल अच्छी होने की उम्मीद है। इसे देखते हुए शासन ने इस वर्ष जिले में खरीफ का लक्ष्य 1.41 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दिया है। बीज का लक्ष्य 6000 क्विंटल से बढ़ाकर 7511 क्विंटल कर दिया है। तिल के बीज में अनुदान बढ़ाया है। वर्ष 2014 में तिल में प्रति क्विंटल 1200 रुपये छूट थी, जबकि 2015 में प्रमाणित बीज में 5800 रुपये कर दी गई थी। इस साल शासन ने अनुदान में और इजाफा किया है। तिल के बीज की वास्तविक कीमत 111 रुपये प्रति किलो है। किसानों को 100 रुपये छूट मिलेगी। किसानों को बीज खरीदने पर पूरी कीमत जमा करनी होगी। उनके खाते में छूट के रुपये सप्ताह भर में आ जाएंगे।
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धान के बीज का 5015 क्विंटल बांटने का लक्ष्य है। अरहर का 1455 क्विंटल और तिल का 200 क्विंटल का लक्ष्य है। कृषि विभाग में 120 क्विंटल बीज उपलब्ध है। उर्द का 330, मूंग का 355, ढैंचा का 500, मक्का पांच, बाजरा 10, मूंगलफली 135, सोयाबीन 36 और ज्वार के बीज का 36 क्विंटल लक्ष्य है। इसमें से उर्द का 38.36, मूंग का 40.36, तिल का 120 क्विंटल ढैंचा का 200, मक्का पांच, बाजरा 2, अरहर 35, मूंगफली और सोयाबीन 12-12 और ज्वार का बीज 10 क्विंटल गोदामों में भेजा गया है।


घटिया बीज खपाने की तैयारी
बांदा। पिछले सप्ताह सीमावर्ती जिलों इलाहाबाद, प्रतापगढ़ और कौशांबी में बड़े पैमाने पर फर्जी बीज पकड़ में आया था। बावजूद इसके जिले का कृषि महकमा व प्रशासन चौकन्ना नहीं है। निजी दुकानदार बीज की बोरियों व पैकेटों में नामी कंपनियों का टैग लगाकर फर्जी बीज खपाने की तैयारी में हैं। बताते हैं इलाहाबाद में ‘दामिनी’ कंपनी का धान का बीज जांच में घटिया पाया गया था। वहां दबिश और कार्रवाई के बाद व्यवसायी बांदा जिले की ओर रुख कर रहे हैं। किसानों को प्रमाणित बीज बताकर 70 से 80 रुपये प्रति किलो की दर से बेंच रहे हैं। जिन किसानों के पास निजी नलकूप या सिंचाई के साधन हैं वे बेड़ की बुवाई कर रहे हैं।
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इस वर्ष खरीफ की फसलों में बेहतर उत्पादन की संभावना है। किसान ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रफल में तिल व धान की बुवाई करें। ब्लाकों के बीज केंद्रों पर सभी बीज उपलब्ध हैं। फर्जी बीज की शिकायत मिलने पर कई दुकानों में छापेमारी कर नमूने भरे गए हैं। जांच में फेल मिले तो दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी।-बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी।
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