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Banda News: निम्नी नाले पर नगर पालिका की नजर, सिंचाई विभाग को पत्र भेजकर मांगा

Wed, 10 Sep 2025 01:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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फोटो- 07 शहर का प्राचीन निम्नी नाला। संवाद
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बांदा। ऐतिहासिक नवाब टैंक को केन नदी से जोड़ने वाले निम्नी नाला का रुख बदलकर इर्दगिर्द अवैध कब्जों और आबाद बस्तियों को हटवाने की सिंचाई विभाग द्वारा की जा रहीं कवायदों के बीच अब नगर पालिका परिषद ने यह नाला अपने अधिकार क्षेत्र में लेने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसका प्रस्ताव सिंचाई विभाग को भेजा है। हालांकि सिंचाई विभाग ने इसका कोई जवाब नहीं दिया है।
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ब्रिटिश काल में शहर की सीमा पर लगभग 10 किमी लंबा निम्नी नहर नाला बना था। आसपास के लोग सिंचाई के साथ-साथ साफ सुथरे पानी में स्नान भी करते थे। नवाब टैंक के उफना जाने पर उसका अतिरिक्त पानी इसी नाला नहर से केन नदी में पहुंचा दिया जाता था। धीरे-धीरे अतिक्रमण के चलते 28 फीट चौड़ा नाला 10 फिट भी नहीं बचा। सफाई न होने से मलबा भरा पड़ा है।
बारिश में इसकी उफान से आसपास की बस्तियों में जल भराव हो जाता है। पिछले चार दशक से इसमें सिर्फ गंदा पानी ही बहता है। सिंचाई विभाग ने वर्ष 2009 में नाले को 62 फीट चौड़ा और पक्का करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया था। नाले के आसपास की जमीनों को मुआवजा देकर अधिग्रहीत किया था। बाद में इस प्रस्ताव को शासन ने नामंजूर कर दिया।
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अब घनी बस्तियों के बीच आ गए नाले पर नगर पालिका की निगाहें भी गड़ा दी हैं। हाल ही में परिषद ने सिंचाई विभाग (प्रखंड तृतीय) को पत्र भेजकर निम्नी नाला उसके हवाले किए जाने की मांग की है।
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इनसेट
प्लाटिंग को परवान चढ़ाने का हथकंडा
निम्नीनाले का बहाव मोड़कर दोनों किनारों की भूमि पाटकर कुछ भू माफिया यहां प्लाटिंग कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के स्वामित्व और सख़्त नियमों के चलते इनकी दाल नहीं गल पा रही। माना जा रहा है कि नगर पालिका के स्वामित्व में लाकर नाले को संकरा करके पक्का निर्माण करा दिया जाएगा और दोनों तरफ की जमीन समतल कराकर प्लाटिंग को परवान चढ़ाया जाएगा।
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नाले का कायाकल्प करना मकसद
नाले का कायाकल्प कर शोधित पानी को केन नदी में डालना ही उनका मकसद है। नाला मिला तो उसे पक्का कर आधुनिक मशीनों के जरिए गंदे पानी को शोधित कर केन नदी में भेजा जाएगा, ताकि केन नदी प्रदूषित न हो। सिंचाई विभाग इसकी कोई देखरेख नहीं करता है। आधे शहर का गंदा पानी केन नदी में जा रहा है।
- श्रीचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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नाले को चौड़ा व पक्का करने की योजना तैयार की थी। यहां तक कि अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी दी गई थी, लेकिन नाले का प्रस्ताव किन्ही कारणों से नामंजूर हो गया। नगर पालिका ने नाला मांगा है। सरकार चाहे तो दे।
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राजेंद्र कुमार,अधिशासी अभियंता, सिंचाई प्रखंड, तृतीय

फोटो- 07 शहर का प्राचीन निम्नी नाला। संवाद

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