संविदा सफाई कर्मियों के मानदेय में वृद्धि और
कार्यवाहक सफाई नायकों द्वारा अवैध वसूली के विरोध में बांदा नगर पालिका के
चार सौ संविदा और स्थायी कर्मचारी सोमवार को बेमियादी हड़ताल पर चले गए।
साथ
ही धरना शुरू कर दिया। शहर में सफाई व्यवस्था ठप हो जाने से पहले दिन ही
गंदगी की भरमार हो गई। उत्तर प्रदेश राज्य सफाई मजदूर संघ के आह्वान पर नगर
पालिका के 422 से ज्यादा संविदा और स्थायी कर्मचारियों ने सोमवार को सफाई
काम बंद कर स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में प्रदर्शन किया।
नगर
पालिका प्रशासन और अध्यक्ष के खिलाफ नारे लगाए। डीएम को दिए ज्ञापन में कहा
कि आउट सोर्सिंग (ठेका) में काम कर रहे सफाई मजदूरों को 120 रुपये
प्रतिदिन दिया जा रहा है, जबकि पिछले वर्ष जून में जारी शासनादेश के
मुताबिक 250 रुपये मजदूरी मिलनी चाहिए।
यह भी आरोप लगाया कि कुछ
सफाई कर्मचारियों को कार्यवाहक सफाई नायक बना दिया गया है। ये हर माह सफाई
कर्मचारियों से 300 से 500 से रुपये उगाही कर रहे हैं। न देने पर नौकरी से
निकाल देने या ड्यूटी से गैरहाजिर कर देने की धमकी देते हैं। हड़ताली सफाई
मजदूरों का नेतृत्व संघ के प्रांतीय सचिव अनिल भारतीय कर रहे हैं।
उधर,
हड़ताल के पहले ही दिन सफाई न होने से शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लग
गए। मंगलवार को शिवरात्रि पर मंदिरों के आसपास सफाई न होने से श्रद्धालुओं
को दिक्कत होगी। कर्मचारी नेताओं में प्रेम हजारिया, मुकेश कुमार तांबे,
गीता देवी, देवीदीन, मातादीन, मुन्नीदेवी आदि शामिल हैं।
उधर,
दोपहर बाद हड़ताल सफाई कर्मचारी नेताओं और सिटी मजिस्ट्रेट तथा नगर पालिका
के सफाई निरीक्षक के बीच बातचीत शुरू हो गई। सफाई निरीक्षक ने बताया कि
आरोपी सफाई नायकों को हटाकर उन्हें मूल पद (सफाई कर्मी) पर कर दिया गया है।
संविदा कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने को शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
नगर
पालिका अध्यक्ष विनोद जैन दिल्ली में हैं। अधिशासी अधिकारी भी मुख्यालय से
बाहर बताए गए। सफाई निरीक्षक ने बताया कि दोनों को हड़ताल की सूचना दे दी
गई है।