बांदा। अतर्रा नगर क्षेत्र में परिवहन निगम व वन विभाग की भूमि पर अरसे से लकड़ी का कारोबार हो रहा है। शिकायत पर नगर पालिका प्रशासन ने लकड़ी व्यापारी को नोटिस दी है और तीन दिन में जवाब मांगा है।
वर्ष 1996 में तत्कालीन परिवहन मंत्री सुरेंद्रपाल वर्मा की पहल पर बांदा-प्रयागराज नेशनल हाइवे से 150 मीटर अंदर भागवत नगर मुहल्ले में जमीन अधिग्रहित करने के बाद बस स्टैंड का निर्माण हुआ था। बस स्टैंड के निर्माण में करीब 50 लाख रुपये खर्च हुए। तत्कालीन परिवहन मंत्री की ओर से शिलान्यास के बाद उद्घाटन न होने से स्टैंड में बसों का ठहराव नही हो रहा है।
इस जमीन पर अब अवैध तरीके से पेड़ों की कटी लकड़ी के ढेर लगाए गए हैं। लकड़ी व्यापारी ने रोडवेज बस स्टैंड और वन विभाग की जमीन को लकड़ी व्यापार का अड्डा बना लिया है।
मोहल्लेवासियो की शिकायत पर पालिका चेयरमैन संगीता वेद निराला व इओ अजय कुमार सिंह ने लकड़ी व्यापारी को सरकारी जमीन को खाली कर अन्यत्र व्यापार करने की चेतावनी दी थी, लेकिन लकड़ी व्यापारी ने दरकिनार कर दिया। पालिका इओ अजय कुमार सिंह ने लकड़ी व्यापारी बुद्धराज पटेल को नोटिस जारी की है। लकड़ी व्यापारी से तीन दिनों के अंदर अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा है।