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मुख्तार के शूटर उमेश को बांदा जेल भेजा

Sun, 28 Feb 2016 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा।
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ददुआ, ठोकिया, बलखड़िया जैसे खतरनाक गिरोहों के डकैतों और माफिया सरगना अनिल दुजाना, सिंहराज भाटी आदि बड़े अपराधी जेल में कैद हैं। अब शासन ने मुख्तार अंसारी के शार्प शूटर उमेश उर्फ गोरा को भेज दिया है। प्रशासनिक आधार पर उसे गाजीपुर से यहां लाया गया है।
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यहां की मंडल जेल में क्षमता से दोगुने बंदी हैं। क्षमता 567 की है और बंदी 1350 हैं। इन्हीं में कई खतरनाक गैंगों के सदस्य और प्रदेश के नामीगिरामी माफिया डान और शार्प शूटर भी बंद हैं। कुछ तो पेशेवर अपराधी हैं। कई को सजा-ए-मौत और उम्रकैद हो चुकी है। जेल प्रशासन को अपने सीमित संसाधनों और स्टाफ से ऐसे खूंखार अपराधियों और खचाखच भरी जेल को चलाने में नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं।

इसी बीच रविवार को तड़के जेल के इन खतरनाक बंदियों में एक नाम और जुड़ गया। यह है मुख्तार अंसारी गैंग का शार्प शूटर उमेश उर्फ गोरा। उस पर हत्या, लूट और रंगदारी वसूली आदि के दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे हैं। हत्या के एक मामले में अदालत से उम्रकैद हो चुकी है। प्रदेश के कारागार प्रशासन ने उमेश उर्फ गोरा को गाजीपुर जेल से बांदा जेल से स्थानांतरित कर दिया है। रविवार को तड़के करीब 2:30 बजे कड़ी पुलिस सुरक्षा में यहां लाया गया। गाजीपुर से बांदा स्थानांतरण के पीछे प्रशासनिक आधार बताया गया है।
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उमेश उर्फ गोरा के आने के बाद जेल में सतर्कता और सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। उसे जेल में दाखिल करने से पहले गेट पर उसकी सघन तलाशी ली गई। फिलहाल उसे जेल की मुलाहिजा बैरक में रखा गया है। जेल अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि फिलहाल एक हफ्ते तक उमेश उर्फ गोरा से मुलाकात नहीं हो सकेगी। साथ ही उससे मिलने आने वालों का ब्योरा शासन को भेजा जाएगा।

गैंगवार का खतरा है, गोरा को वापस कीजिए गाजीपुर
जेल में बंद कई संगीन अपराधियों के बीच 36 का आंकड़ा है। इन्हें आमने-सामने आने और गैंगवार रोकना जेल प्रशासन के लिए खासी चुनौती है। उधर, शार्प शूटर उमेश उर्फ गोरा को भी बांदा जेल भेजने पर जेल अधिकारियों ने उसे वापस गाजीपुर भेजने का अनुरोध जेल आईजी से किया है।

सूत्रों के मुताबिक जेल प्रशासन ने प्रदेश के कारागार महानिरीक्षक को अवगत कराया है कि बांदा जेल में कई ऐसे बंदी है जो एक-दूसरे परस्पर विरोधी हैं। उनके बीच झगड़े की आशंका बनी रहती है। कुछ बंदी शातिर और पेशेवर अपराधी तथा दस्यु गिरोहों के सदस्य हैं। अनिल दुजाना और सिंहराज भाटी एक-दूसरे के विरोधी हैं। इसी तरह यहां मऊ से लाया गया अजय उर्फ विजय पहले से ही बंद है।

वह उमेश उर्फ गोरा के विपक्षी गुट का है। जेल प्रशासन ने मथुरा की जेल में हुए गैंगवार में एक बंदी की हत्या का हवाला देकर कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं के अभाव में यहां गैंगवार का हमेशा खतरा बना रहता है। ऐसे में उमेश उर्फ गोरा को वापस गाजीपुर या प्रदेश की अन्य जेल में भेजा जाए।
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